स्वागत नहीं करोगे हमारा :-  जनता ने चुना योगी आदित्यनाथ को देश का सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री, जानें टॉप 10 में कौन- कौन मुख्यमंत्री

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स्वागत नहीं करोगे हमारा :-  जनता ने चुना योगी आदित्यनाथ को देश का सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री, जानें टॉप 10 में कौन- कौन मुख्यमंत्री

देश के 10 लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में भाजपा का सिर्फ एक चेहरा

खास बात ये है कि सर्वे में जो 7 सबसे लोकप्रिय सीएम चुने गए हैं, उनमें से 6 सीएम गैर-बीजेपी और गैर -कांग्रेसी हैं।

नई दिल्ली। एक सर्वे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री चुने गए हैं। गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ लगातार तीसरी बार सबसे लोकप्रिय सीएम चुने गए हैं। बता दें कि इंडिया टुडे और कार्वी ने मूड ऑफ द नेशन (MOTN) नाम से सर्वे किया था। इसी सर्वे में योगी आदित्यनाथ को सबसे ज्यादा 24 फीसदी मत मिले हैं। यह सर्वे ऐसे समय हो रहा है, जब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कानपुर एनकाउंटर और अपहरण की घटनाओं को लेकर आलोचकों के निशाने पर है। खास बात ये है कि सर्वे में जो 7 सबसे लोकप्रिय सीएम चुने गए हैं, उनमें से 6 सीएम गैर-बीजेपी और गैर -कांग्रेसी हैं।  पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी जो कि पहले के सर्वे में देश की सबसे लोकप्रिय सीएम चुनी गई थीं, वो अब लुढ़कर चौथे पायदान पर आ गई हैं।

1 :- योगी आदित्यनाथ के बाद दूसरे स्थान पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हैं।

2 :-  आंध्र प्रदेश के सीएम जगन रेड्डी तीसरे स्थान पर काबिज हैं। इस सर्वे में पांचवें स्थान पर अन्य सीएम को रखा गया है।

वहीं छठे स्थान पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार का नाम शामिल है।

सातवें नंबर पर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे हैं।

वहीं आठवां नंबर ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक का है।

इनके बाद तेलंगाना के सीएम केसीआर, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, कर्नाटक के बीएस येदियुरप्पा, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और शिवराज सिंह चौहान का नाम है। गुजरात के सीएम विजय रुपाणी सबसे निचले पायदान पर हैं।

जनवरी 2020 के सर्वे में भी योगी आदित्यनाथ टॉप पर रहे थे और उन्हें 18 फीसदी मत मिले थे। जबकि अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी 11-11 फीसदी मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। अगस्त 2019 के सर्वे में भी योगी आदित्यनाथ सबसे लोकप्रिय सीएम चुने गए थे।

बता दें कि यह सर्वे विभिन्न लोगों के इंटरव्यू करके पारंपरिक तौर पर किया जाता है। हालांकि इस बार कोरोना माहमारी के चलते इस बार यह सर्वे टेलीफोन पर बात करके किया गया है। सर्वे के दौरान 12021 लोगों से बात की गई। इनमें से 67 फीसदी ग्रामीण और 33 फीसदी शहरी इलाकों के लोक शामिल थे।

सर्वे के दौरान 19 राज्यों आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लोगों से बात की गई। इसके साथ ही 97 संसदीय क्षेत्र और 194 विधानसभा के लोगों को इस सर्वे में शामिल किया गया।

सर्वे में 52 फीसदी पुरुष, 48 फीसदी महिलाएं शामिल थीं। अगर धर्म के नजरिए से देखा जाए तो 86 फीसदी हिंदू, 9 फीसदी मुस्लिम व पांच फीसदी अन्य धर्मों के लोगों से उनकी राय जानी गई। जिन लोगों पर सर्वे किया गया उनमें 30 फीसदी सवर्ण, 25 फीसदी एससी-एसटी व 44 फीसदी अन्य पिछड़े वर्ग के लोग शामिल थे।

सर्वे में शामिल 57 फीसदी लोग 10 हजार रुपये महीने से कम की आमदनी वाले थे जबकि 28 फीसदी 10 से 20 हजार रुपये और 15 फीसदी 20 हजार रुपये महीने से ज्यादा कमाने वाले लोग थे। सर्वे के सैंपल में किसान, नौकरी पेशा, बेरोजगार, व्यापारी, छात्र आदि को शामिल किया गया था।


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