10वीं के स्टेट टॉपर को मंत्रीजी दे रहे थे आल्टो कार, पिता ने बदले में मांग ली ये चीज…

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10वीं के स्टेट टॉपर को मंत्रीजी दे रहे थे आल्टो कार, पिता ने बदले में मांग ली ये चीज…

झारखंड ।  10वीं की परीक्षा में स्टेट टॉपर मनीष कुमार के पिता ने  अपने बेटे के लिए भविष्य की राह आसान बनाने का प्रयास किया। उनके इस कारनामे के चर्चे खूब हो रहे हैं। हर कोई उनके फैसले की तारीफ कर रहा है। दरअसल, झारखंड के मैट्रिक बोर्ड स्टेट टॉपर मनीष कुमार को शिक्षा मंत्री ने कार देने की बात कही। इसके बाद मनीष के पिता ने जो पेशे से किसान हैं, शिक्षा मंत्री से कार के बदले बेटे की आगे की पढ़ाई का खर्च उठाने की मांग की।

बताते चलें कि मंत्री ने स्टेट टॉपर को कार देने का घोषणा की थी, लेकिन मनीष के पिता को यह बात भलिभांति पता है कि एक किसान के बेटे को आगे पढ़ने के लिए कार की नहीं बल्कि गाइडलाइन और पैसे की जरूरत है। इसलिए उन्होंने अपने बेटे के भविष्य के लिए मंत्री जी के ऐलान को किसी वायदे में बदलने की गुहार लगाई।

बता दें कि मैट्रिक की परीक्षा में नेतरहाट विद्यालय लातेहार के छात्र मनीष कुमार कटियार ने 98 प्रतिशत अंक लेकर राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया। इसे लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने अपने आवसीय कार्यालय भंडारीदाह में उन्हें मिठाई देकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मनित किया। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे की पढ़ाई में हर संभव मदद करने की बात कही। उन्होंने पहले ही घोषणा की थी कि जो विद्यार्थी स्टेट टॉप करेगा उसे आल्टो कार दिया जाएगा।लेकिन एक किसान का बेटा होने के नाते पिता ने कहा कार नहीं चाहिए बल्कि उसके आगे की पढ़ाई के खर्च इसी कार के तहत मंत्री जी से गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि जो कार खरीदने में खर्च आएगा, उस खर्च को मेरे बेटे की आगे की पढ़ाई में आप सहयोग करें ताकि एक किसान का बेटा पढ़ लिख कर राज्य और देश की सेवा कर सके।

मनीष के पिता ने कहा कि मैट्रिक के बाद आगे की पढ़ाई में बहुत सारा खर्च होता है। कार लेकर हम कहां रखें और इस महंगाई में कैसे कार चलाएं। हम किसान हैं, गरीब हैं।अतः उसी पैसे से बच्चे की आगे की पढ़ाई के लिए सहयोग हो जाएगा तो हमारा सार्थक पूरा हो जाएगा।

वही मनीष कुमार कटियार ने कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारी बन कर देश की सेवा करना चाहते हैं। मनीष बताते हैं कि पिता देवासीख भारती उर्फ केदार महतो खेती करते हैं। खाली समय में कभी-कभार वो भी पिता का हाथ बंटाते हैं। परीक्षा की तैयारी में मनीष ने गंभीर होकर पढ़ाई की। वो दो भाई और बहन में सबसे बड़े हैं। बहन नौवीं में पढ़ाई कर रही है।

मनीष ने कहा कि मेरा रिजल्ट सातवीं व आठवीं क्लास में काफी अच्छा रहा था। पहले या दूसरे स्थान पर ही मैं रहता था। पर नौवीं में उनका स्थान नीचे हो गया था। इसके बाद मनीष ने दसवीं में ठीक से पढ़ाई की। मनीष ने बताया- तीन माह पहले से तैयारी में पूरी तरह से जुट गया था। मैथ व साइंस पहले से अच्छा था। सोशल साइंस व संस्कृत पर ज्यादा ध्यान दिया। मैंने कोई रुटीन नहीं बनाया पर समय पर पढ़ाई जरूर करता था। एग्जाम के बाद ऐसा जरूर लगा था कि टॉप 10 में मेरा नाम शामिल हो सकता है। पर यह विश्वास नहीं था कि मैं ही टॉपर बनूंगा। आगे इंटर की पढ़ाई भी वो नेतरहाट से करना चाहते हैं।


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