ख़ास ख़बर :- सुमन उपाध्याय की सक्रियता टिहरी सीट पर नए समीकरणों को  दे रही है जन्म

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ख़ास ख़बर :- सुमन उपाध्याय की सक्रियता टिहरी सीट पर नए समीकरणों को  दे रही है जन्म

नई टिहरी। टिहरी विधानसभा सीट पर इस बार समीकरण बदले-बदले नजर आ रहे हैं। चुनाव को अभी भक्त है लेकिन दावेदारों ने अभी से गांव-गांव की पगडंडी नापना शुरू कर दी हैं। बीजेपी से मौजूदा विधायक धन सिंह नेेगी हों या पूर्व विधायक दिनेश धने हो फिर धने से पहले कांग्रेस से विधायक रहे किशोर उपाध्याय होंं हर कोई तैयारियों में जुटा हुआ है।

पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय के साथ ही उनकी पत्नी सुुमन उपाध्याय की सक्रियता टिहरी सीट पर नए समीकरणों को जन्म दे रही है। किशोर उपाध्याय के साथ सुमन उपाध्याय भी टिहरी विधानसभा के तमाम गांवों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। टिहरी में लोगों को करोना से जागरूक करने के साथ ही रोजगार-स्वरोजगार सहित ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं के मिल रहे लाभ को लेकर भी बातचीत करती हैं। खासतौर से महिलाओ में उनकी उपस्थिति दमदार है। उनकी उपस्थिति तमाम तरह के कयासों को जन्म दे रही है। चर्चाएं गर्म है कि सुमन उपाध्याय टिहरी और किशोर उपाध्याय सहसपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। खैर ये तो चर्चाएं हैं और 2022 तक जब तक टिकट फाइनल कब तक चलती रहेंगी। सुमन उपाध्याय ग्रामीणों के निमंत्रण पर टिहरी जनपद के जाखणीधार ब्लॉक के परसारी गाँव पहुँची। गांव पहुंचने पर उनका ग्रामीणों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। सुमन उपाध्याय ने मां दुर्गा मंदिर में पूजा अर्चना कर मंदिर में आयोजित भंडारे में शिरकत कर 2022 चुनाव में जीत के लिए मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया।

इस मौके पर सुमन उपाध्याय ने परसारी गांव के युवाओं द्वारा बनाए गए सहयोग ग्रुप की तारीफ की। उन्होंने कहा काश हर गांव में ऐसे युवा हो तो बिना सरकारी मदद के अपने गांव का विकास किया जा सकता है। ऐसे युवाओं के होने से उत्तराखंड के हर गांव को आदर्श गांव बनाने से कोई नहीं रोक सकता।

उन्होंने समाजसेवी व पत्रकार अरुण पांडे की भी सराहना की । सुमन उपाध्याय ने कहा अरुण पांडे अपनी लेखनी और समाजसेवा के बल पर अपने गांव के विकास कार्यों को लेकर लगातार प्रयत्नशील रहते हैं। इस मौके पर उन्होंने गांव के विकास कार्यों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। कहा कि माँ दुर्गा का आशीर्वाद सम्पूर्ण परसारी वासियों सहित पूरे प्रदेश और देश वासियों पर बना रहे,ओर हम अपने पारम्परिक रीति रिवाजों से जुड़े रहे, आप सब ने मुझे आमंत्रित किया इसके लिए मैं आप सभी की आभारी हूँ ।

टिहरी या सहसपुर कहां से चुनाव लड़ेगें किशोर

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए एक बार फिर से अपनी परंपरागत टिहरी सीट पर फील्डिंग सजा ली। टिहरी में नया घर खरीदने के बाद मई-जून से किशोर लगातार टिहरी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं। जन संवाद, ग्राम भ्रमण के साथ ही वो स्थानीय मुद्दों पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों में भी बराबर की शिरकत कर रहे हैं। किशोर की तैयारियों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि देहरादून की सहसपुर सीट से उन्होंने अपना दावा खत्म कर लिया है। और अब, दो-दो बार राज्य विधानसभा में भेज चुकी टिहरी सीट ही किशोर का फाइनल ठिकाना होगा। संपर्क करने पर किशोर ने भी इसके संकेत दिए। कहा कि, टिहरी सदा से मेरी कर्मभूमि रहा है।

किशोर की टिहरी में सक्रियता के राजनीतिक हल्कों में कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। वर्ष 2012 में निर्दलीय प्रत्याशी दिनेश धनै से महज कुछ सौ वोटों से चूक गए किशोर का मन टिहरी से खट्टा हो गया था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में टिहरी के बजाए देहरादून की सहसपुर पर किशोर ने भाग्य आजमाना बेहतर समझा, लेकिन वहां भी नतीजा मनमाफिक नहीं निकला। कांग्रेस के पुराने नेता आर्येंद्र शर्मा की बगावत किशोर की राह का रोड़ा बन गई।

सूत्रों के अनुसार किशोर समर्थक उन्हें दोबारा से टिहरी को राजनीतिक कर्मभूमि बनाए रखने की सलाह दे रहे थे। दरअसल, वर्ष 2017 में हाईकमान ने किशोर को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर चकराता विधायक पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह को कांग्रेस की कमान सौंप दी थी। वर्ष 2016 के विभाजन से कमजोर पड़ी कांग्रेस के पुनर्जीवन के लिए प्रीतम चुनचुन कर पुराने और मजबूत नेताओं की घरवापसी करा रहे हैं। वर्ष 2017 में सहसपुर सीट पर किशोर की हार की मुख्य वजह रहे आर्येंद्र शर्मा की भी वापसी कराई जा चुकी है। शर्मा तब से ही सहसपुर में काफी सक्रिय हैं। सूत्रों के अनुसार उन्हें सहसपुर के टिकट का वादा भी मिल चुका है।

कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में आते बदलाव भी किशोर की टिहरी वापसी की एक बड़ी वजह के रूप में देखे जा रहे हैं। मालूम हो कि कांग्रेस हाईकमान के विश्वसनीयों में शुमार रहे किशोर वर्ष 2002, वर्ष 2007 में टिहरी से चुनाव जीते थे। वर्ष 2002 से 2004 तक वो तत्कालीन एनडी तिवारी सरकार में औद्योगिक विकास राज्यमंत्री भी रहे। लेकिन वर्ष 2012 में टिहरी सीट और वर्ष 2017 में सहसपुर सीट से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

सोशल मीडिया में वायरल हो रही किशोर के कामों की सूची

सुनील रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष आईटी विभाग के नाम से सोशल मीडिया में वायरल हो रही है यह सूची। इसमें लिखा गया है कि आज मुझे यह सब इसलिये लिखना पड़ रहा है कि कुछ लोग अपने निजी राजनीतिक स्वार्थों के लिये किशोर जी को कटघरे में खड़ा कर रहें हैं कि 10 साल तक उन्होंने क्या किया। किशोर जी ने अपनी विधानसभा के अलावा पूरे टिहरी जनपद में विकास की मजबूत बुनियाद रखी। किशोर जी ने साधारण विधायक रहते हुऐ इतने बड़े बड़े कार्य किये हैं जिनकी स्वीकृति की एक कॉपी हमारे पास उपलब्ध है। विधायक केवल अपनी विधानसभा का होता है लेकिन मंत्रीगण पूरे प्रदेश के होते हैं। और मंत्रीगण को कैबिनेट की बैठक में फैसला लेने और योजनाओं पर मुहर लगाने का पूर्ण अधिकार होता है बाकी फैसला आप तय करें, जनता से बड़ा जज कोई नहीं होता……….
आज यह सूक्ष्म जानकारी उन लोगों के लिये है जो बाजारों में कहते फिरते हैं कि 10 साल तक किशोर उपाध्याय जी ने क्या किया। किशोर जी एक बार अपनी सरकार में विधायक रहे और एक बार बी0जे0पी0 की सरकार में। मेरे पास जो आंकड़े और स्वीकृत योजनाओं की कॉपी है उनकी जानकारी टिहरी और उत्तराखंड की जागरूक जनता को बता रहा हु।…..

1- नई टिहरी में केन्द्रीय विधालय की स्थापना (तब वे यहां राजनीति भी नहीं करते थे)
2- बौराड़ी हॉस्पिटल को जिला अस्पताल का दर्जा।
3- नई टिहरी में मंझोले ब्यापारियों (खोखा धारी) को टोकन देकर पक्की दुकाने आवंटित करवाई।
4- वर्ष 2002 में नई टिहरी की अत्याधुनिक पम्पिंग योजना का पुनर्गठन एवं पुनर्निर्माण, जिससे आज नई टिहरी की जनता शुद्ध पेयजल का लाभ ले रहे हैं। ज्ञात हो कि नई टिहरी में सिर्फ पेयजल को लेकर कर्मचारी संगठन एवं आम जनता दिन रात आंदोलित रहती थी।
5- नई टिहरी में सर्वाधिक विषयो से सुसज्जित नई टिहरी महाविद्यालय की स्थापना (ज्ञात हो कि इस महाविद्यालय के लिये छात्र संगठन और आम जनता आंदोलित रहती थी)
6- नई टिहरी में पॉलीटेक्निक कॉलेज की स्वीकृति।
7- नई टिहरी में एoआरoटीoओo कार्यालय की स्थापना।
8- जिलावार ऐशोo को 10 लाख की निधि देकर लाइब्रेरी और मीटिंग हॉल को सुसज्जित किया गया।
9- जाखणीधार में उप तहसील से पूर्ण तहसील की स्थापना।
10- नई टिहरी में आईoटीoआईo कॉलेज की स्थापना।
11- जाखणीधार में विधुत सब स्टेशन की स्थापना।
12- जाखणी धार के ब्लाक सभागार का भव्य निर्माण।
13- पौखाल, अगरोडा और नैखरी महाविद्यालयो की स्वीकृति में सराहनीय योगदान।
14- जाखणीधार के कपरैणी सैंण, राधूधार, भरेटीधार और टिपरी कनैलधार के हाईस्कूलों का इंटरमीडिएट में उच्चीकरण।
15- टिहरी बिधानसभा के गांव गांव तक सड़कों का निर्माण।
16- सुरसिंग धार (चम्बा) में नर्सिंग कॉलेज की स्वीकृति।
17- भागीरथी पुरम (चम्बा) में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना।
18- चम्बा में हेमवन्ती नंदन बहुगुणा केंद्रीय बिश्वबिद्यालय की स्वीकृति।
19- चम्बा में श्रीदेव सुमन राज्य बिश्वबिद्यालय की स्वीकृति।
20- रानीचौरी (चम्बा) में वानिकी एवं औद्यानिकी बिश्वबिद्यालय की स्वीकृति, यह बिश्वबिधालय 3 माह तक कार्यरत रहा, किन्तु तत्कालीन मुख्यमंत्री निशंक जी इसे पौड़ी जनपद के भरसार ले गये। इस निर्णय से उद्वैलित किशोर उपाध्याय जी ने पहले उत्तराखंड विधानसभा के अंदर धरना दिया और फिर 14 दिन तक चम्बा स्थित वीर गब्बर सिंह जी के चरणों में आमरण अनशन किया।
21- कोटी कॉलोनी में पर्यटन स्पोर्ट्स कॉलेज की स्वीकृति।
22- टिहरी जनपद की चार अत्यंत महत्वपूर्ण पम्पिंग योजनाओं की स्वीकृति, जिसमें सारज्यूला, प्रतापनगर, रजाखेत और कोशियार ताल ग्राम समूह पम्पिंग योजना (इन योजनाओं पर देश के सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका सo 22894/2005 किशोर उपाध्याय बनाम भारत संघ व अन्य में आदेश किया था कि श्री किशोर उपाध्याय ने इन योजनाओं को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है इन पर शीघ्र काम किया जाय और इसके अतरिक्त पेयजल की जो भी समस्या है उसे दूर किया जाय)
23- टिहरी विधानसभा की 90% ग्रामों में Thdc की CSR मद से सामियाना, बर्तन, टैंट, कुर्सियां आदि का वितरण।
24- टिहरी बाँध बिस्थापितों एवं प्रभावितों के समुचित पुनर्वास व जनहित के पुलों, सड़कों, रोपवे आदि पर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका SLP(C)NO22894/2005 किशोर उपाध्याय बनाम भारत संघ व अन्य में आदेश किया कि इन सभी योजनाओं पर शीघ्र काम किया जाय। जिस कारण आज घोंटी, डोबरा, और भल्डियाना के पुल बने व बन रहे हैं तथा टिपरी- मदननेगी, स्यांसू रोपवे का निर्माण हुआ।
25- किशोर जी ने नई टिहरी शहर में विधायक निधि से जो भी कार्य करवाये, उसकी कार्यदायी संस्था नगर पालिका परिषद को बनाये रखा। इसी प्रकार जाखणीधार, चम्बा, थौलधार की निधि उक्त विकासखण्डों को दी गयी। उसमें विधायक द्वारा कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया। बल्कि उन संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर छोड़ दिया (जिससे जनहित के बहुत काम हुऐ। जिसमें बारातघर, मिलन केंद्र, यात्री शेड, ग्रामीण पेयजल योजनाओं का सुधारीकरण आदि आदि…)
26- टिपरी- रौडधार तक सड़क के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण के लिये भारत सरकार से अपने सम्बधों के कारण सीधे 18 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करवाई।


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