इस रक्षा बंधन पर तीन विशेष संयोग भाई-बहन के लिए शुभ, जानें मुहूर्त और राखी बांधने का सही तरीका

If you like the post, Please share the link

इस रक्षा बंधन पर तीन विशेष संयोग भाई-बहन के लिए शुभ, जानें मुहूर्त और राखी बांधने का सही तरीका

माँ चन्द्रबदनी धाम के पुरोहित पंडित आदित्य सेमल्टी बता रहे हैं सही महूर्त

धर्म संस्कृति। श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके खुशहाल जीवन की कामना करती हैं। भाई भी अपनी बहनों को उनकी रक्षा का वचन देते हैं। राखी इस बार 3 अगस्त को है। खास बात ये है कि इस दिन सावन सोमवार भी है। रक्षाबंधन पर भद्रायोग सुबह 9.30 पर ही समाप्त हो जाएगा। जिससे पूरे दिन राखी बांधने का समय रहेगा।

माँ चन्द्रबदनी धाम के पुरोहित पंडित आदित्य सेमल्टी कहते हैं लंबे समय के बाद इस बार रक्षा बंधन के दिन बन रहा विशेष संयोग बन रहा है। इस साल सावन के आखिरी सोमवार पर सावन पूर्णिमा व श्रवण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। यह बहुत ही उत्तम संयोग है। रक्षा बंधन पर बन रहे ये संयोग बहुत ही लाभदायक होंगे। इस दिन तीन विशेष संयोग बनने पर बहन-भाइयों को विशेष लाभ मिलेंगे ।

माँ चन्द्रबदनी धाम के पुरोहित पंडित आदित्य सेमल्टी कहते हैं 3 अगस्त को सुबह 6:51 बजे से ही सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू हो रहा है। यह योग बहुत ही फलदाई होता है।

इसके साथ ही रक्षा बंधन पर तीन अगस्त को प्रातः उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और 7:18 बजे से श्रवण नक्षत्र रहेगा। जो रक्षाबंधन की दृष्टि से अति उत्तम है।

दो अगस्त रात 8.36 से तीन अगस्त सुबह 8.31 बजे तक भद्रा काल रहेगा। इस समय राखी बांधना शुभ नहीं है। रक्षा बंधन के लिए सुबह 8.31 बजे से रात 8.20 बजे तक विशेष मुहूर्त रहेगा। इस दौरान बहन अपनी भाई को किसी भी समय राखी बांध सकेंगी।

माँ चन्द्रबदनी धाम के पुरोहित पंडित आदित्य सेमल्टी कहते हैं इस दिन राहु काल सुबह 07:30 से 9 बजे तक रहता है। इस कारण से 9 बजे के बाद जब शुभ चौघड़िया मिल जाए तब रक्षा बंधन का कार्य करना अति उत्तम होगा।

राखी का मुहूर्त: 03 अगस्त को सुबह 9.28 बजे के बाद किसी भी समय राखी बांधी जा सकती है। वैसे राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर 01.48 बजे से शाम 04.29 बजे तक रहेगा।

दूसरे शुभ मुहूर्त की बात करें तो ये शाम 07.10 बजे से रात 09.17 बजे तक रहेगा। रक्षा बंधन का पर्व रात 09.17 PM तक मनाया जा सकता है।

माँ चन्द्रबदनी धाम के पुरोहित पंडित आदित्य सेमल्टी कहते हैं राखी को सही समय पर सही विधि से बांधना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले भाई को पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठाना चाहिए। इसके बाद बहन को अच्छे से पूजा की थाली सजानी चाहिएष पूजा की थाली में चावल, रौली, राखी, दीपक होना चाहिए। इसके बाद बहन को भाई के अनामिका उंगली से टीका कर चावल लगाने चाहिए। अक्षत अखंड शुभता को प्रदर्शित करते हैं। उसके बाद भाई की आरती उतारनी चाहिए और उसके जीवन की मंगल कामना करनी चाहिए। कई जगह बहनें इस दिन अपने भाई की सिक्के से नजर भी उतारती हैं।


If you like the post, Please share the link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed