त्रिवेंद्र सरकार ने दी “डोबरा चांठी” के बाद “जानकी सेतु” के रूप में उत्तराखंड की जनता को दूसरी बड़ी सौगात 

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त्रिवेंद्र सरकार ने दी “डोबरा चांठी” के बाद “जानकी सेतु” के रूप में उत्तराखंड की जनता को दूसरी बड़ी सौगात 

तीर्थनगरी में अब राम, लक्ष्मण के साथ जानकी सेतु बनेगा सैलानियों के आकर्षण का केंद्र

देहरादून। टिहरी झील पर बने देश के सबसे बड़े मोटरेबल पुल डोबरा चांठी को जनता को समर्पित करने के पखवाड़ेभर में ही राज्य सरकार ने उत्तराखंड की जनता को मुनि-की-रेती में जानकी पुल के रूप में एक और सौगात दी है। विकास को गति देने में त्रिवेंद्र रावत के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती।

उत्तराखंड में टिहरी-पौड़ी जिले की सीमा को जोड़ने वाले जानकी सेतु पुल के खुलने का इंतजार खत्म हो गया है। आज दोपहर 12 बजे प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जानकी सेतु का लोकार्पण किया। जानकी सेतु पुल तीन हिस्सों में बंटा हुआ है। बाएं और दाएं ओर का हिस्सा दोपहिया वाहनों की आवाजाही के लिए बना हुआ है। बीच के हिस्से में पर्यटक और स्थानीय लोग पैदल आवाजाही करेंगे।

इस मौके पर सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि इस पुल के खुलने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सहूलियत होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में मुनिकीरेती पूर्णानंद से स्वर्गाश्रम वेद निकेतन के लिए गंगा के ऊपर लगभग 49 करोड़ की लागत से करीब 346 मीटर लंबे जानकीसेतु का निर्माण हुआ है।

जनता ने त्रिवेंद्र सरकार पर दिल खोलकर अपना प्यार बरसाया

उत्तराखंड राज्य की 20 वीं वर्षगांठ के मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बीती 8 नवंबर को टिहरी झील पर बने डोबरा चांठी पुल का शुभारंभ किया था। इस पुल का बीते दो दशकों से प्रतापनगर समेत उत्तरकाशी के 100 से ज्यादा गांव के लोगों को इंतजार था। दरसअल, टिहरी मुख्यालय तक पहुँचने के लिए झील पार के लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। अब झील पर पुल तैयार होने से लोगों की वर्षों पुरानी पीड़ा दूर हो गयी है। पुल के लोकार्पण के दिन हजारों स्थानीय लोगों की मौजूदगी ने भी त्रिवेंद्र सरकार पर दिल खोलकर अपना प्यार बरसाया।
इधर, आज सूबे के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुनि की रेती में जानकी पुल का शुभारंभ कर विकास की एक नई लकीर खींच दी। दरसअल, इस पुल का शिलान्यास वर्ष 2013 में हो जरूर गया था लेकिन सुस्त रफ्तार के कारण यह अंजाम तक नहीं पहुँच पाया। त्रिवेंद्र रावत सत्ता में आये तो डोबरा चांठी की तर्ज पर ही उन्होंने इस पुल के निर्माण में खासी दिलचस्पी ली। बीते तीन वर्षों में इस पुल के निर्माण में तेजी आई। नतीजा, आज यह पुल बनकर तैयार है।बता दें कि यह पुल टिहरी और पौड़ी जनपद के मुनिकीरेती व स्वर्गाश्रम को जोड़ने का काम करेगा। तीन लेन के इस पुल के बनने के बाद दोनों ओर की जनता को लाभ मिलेगा।

वहीं, राम और लक्ष्मण झूला पुल का आकर्षण बीते दशकों से देश दुनिया के पर्यटकों में रहा है। कई बालीवुड फिल्मों में भी यह दोनों पुल कई बार नजर आ चुके हैं। अब, जानकी सेतु पूरे ऋषिकेश क्षेत्र में आकर्षण का नया केंद्र बनने को तैयार है।


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