हरीश धामी ने कहा सीएम साहब….कहें तो मैं विधायक पद से इस्तीफा देकर राजनीति से सन्यास ले लूंगा..

If you like the post, Please share the link

हरीश धामी ने कहा सीएम साहब….कहें तो मैं विधायक पद से इस्तीफा देकर राजनीति से सन्यास ले लूंगा..

आपदा प्रभावितों की मदद को नदी-पहाड़ पैदल लांघ रहे विधायक धामी, कई बार जान पर बन आई

पिथौरागढ़ ।  आपदा की इस दुखद घड़ी में धारचूला से कांग्रेस के विधायक हरीश धामी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से क्षेत्रवासियों को बचाने की बेहद भावुक अपील की है। सोशल मीडिया में अपने वीडियो संदेश के जरिए हरीश धामी ने कहा आपदा प्रभावित क्षेत्र धारचूला विधानसभा को लेकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन आप मेरी क्षेत्र की जनता को बचा लीजिए। उसके बदले अगर मुझ से मेरा राजनीतिक सन्यास भी चाहिए तो मैं तैयार हूं। बहुत हो गया अब मुझ से आपदाग्रस्त परिवारों का दुःख देखा नही जाता हैं। इन सब के दुःख से में बहुत दुखी हु और माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र निवेदन कर रहा हूं।

मैं त्रिवेन्द्र सरकार से अपील करता हूं कि मेरी जनता को बचा लीजिए। इसके लिए आप चाहें तो मैं आज ही विधानसभा से इस्तीफा देकर राजनीति ने आजीवन सन्यास ले लूंगा। सैनिक का बेटा हूं। पिता ने 71 की लड़ाई में अपना पैर गंवाया था। यह बलिदान मेरे लिए बहुत छोटा होगा। बस त्रिवेन्द्र सरकार से मेरी गुजारिश है कि आपदा प्रभावितों को हेलीकॉप्टर भेजकर रेस्क्यू कर लिया जाए और उनके पुनर्वास का इंतजाम किया जाए्।

देश का सीमांत जिला पिथौरागढ़ प्रकृति के कहर से कराह रहा है। जुलाई में हुई भारिश और बादल फटने की कई घटनाओं के कारण उच्च हिमायल की तहसीलों में काफी तबाही मची है। बंगापानी, मुनस्यारी और धारचूला में कई मकान जमीदोज हो गए हैं तो कई लोगों की मलबे में दबने से मौत भी हो गई है। पहाड़ से मलबा आने और भारी बारिश के कारण तमाम रास्ते बंद हो गए हैं। ऐसे में प्रभावितों तक मदद पहुंचाने में काफी मुश्किलें आ रही हैं। विपदा की इस घड़ी में उनके बीच अगर कोई मदद के लिए पहले दिन से खड़ा है तो वो हैं धारचूला के कांग्रेस विधायक हरीश धामी। धामी रोज नदी नाला, पहाड़ पार कर प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उनकी मदद कर रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर लगातार प्रभावितों तक मदद पहुंचाने और सरकार से हेलीकॉप्टर लगाकर उन्हें रेस्क्यू करने की अपील कर रहे हैं।

गुरुवार को विधायक धामी की जान पर बन आई। दरअसल विधायक बंगापानी तहसील के मल्ला मोरी गांव में आपदा पीड़ितों की समस्याएं सुनकर लौट रहे थे और आपदा प्रभावित लुम्ती गांव जा रहे थे। इस दौरान लुम्ती नालेे में अचानाक वहाव तेज होने के कारण बहने लगे। यह देखकर उनके समर्थकों में हड़कंप मच गया। बहाव में वह करीब दस मीटर दूर तक बह गए। साथ के कार्यकर्ताओं ने किसी तरह उन्हें बचाकर नाले से निकाला। शुक्र रहा कि वे बचा लिए गए वरना दस मीटर आगे नदी बह रही थी। ऐसे में बड़ी अनहोनी की आशंका थी। हादसे के दौरान विधायक को चोट भी आई है। उनके मुंह, नाक और कानों में भी मलबा घुस गया था। चामी पहुंचने पर घायल विधायक धामी का सेना के चिकित्सकों ने उपचार किया। विधायक धामी 19 जुलाई की रात को टांगा गांव में आई आपदा के बाद से लगातार प्रभावित क्षेत्रों में बने हुए हैं। विधायक धामी आज फिर प्रभावितों के बीच हैं।

विधायक धामी ने सरकार आपदा प्रभावितों के साथ पक्षपात कर रही है। हम एक सप्ताह से मांग कर रहे हैं कि हेलीकॉप्टर लगाकर लोगों को सुरक्षित किया स्थानों पर लाया जाए। लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। जबकि प्रशासन हर स्तर से हमारे साथ लगा हुआ है। लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं। भौगोलिक दुर्गमता के कारण जैसी मदद लोगों की होनी चाहिए वो नहीं हो पा रही है। हेलीकॉप्टर से आपदा प्रभावितों को रेस्क्यू किया जाना जरूरी हो गया है।


If you like the post, Please share the link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed