इंडोवैस्कुलर क्वाईलिंग तकनीक से ब्रेन हैमरेज के ईलाज़ में AIIMS ऋषिकेश के डॉक्टरों को मिली बड़ी क़ामयाबी, देखिए वीडियो

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इंडोवैस्कुलर क्वाईलिंग तकनीक से ब्रेन हैमरेज के ईलाज़ में AIIMS ऋषिकेश के डॉक्टरों को मिली बड़ी क़ामयाबी, देखिए वीडियो

हैमरेज के मरीज़ को इंडोवैस्कुलर क्वाईलिंग तकनीक से दिया जीवनदान

देहरादून। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में चिकित्सकों ने सोमवार को एक पेशेंट के ब्रेन हैमरेज के सफल इलाज को अंजाम दिया है। पेशेंट को पौड़ी से लिफ्ट कर हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया था।

बतादें कि पौड़ी गढ़वाल निवासी एक चिकित्सक अस्पताल में अचानक चक्कर खाकर गिर गए थे। जिन्हें राज्य सरकार की ओर से एयरलिफ्ट कर एम्स पंहुचाया गया। सीटी स्कैन में पता चला कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया है और एंजियोग्राफी में नस फटने के कारण एन्युरिज्म पाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनके दिमाग की एक नस फट गई थी। सोमवार को चिकित्सकों ने इंडोवैस्कुलर क्वाईलिंग तकनीक अपनाकर पेशेन्ट का उपचार किया।
एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने इस सफलता के लिए चिकित्सकों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में एयर एंबुलेंस सेवा व एम्स परिसर में हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध होने से मरीज को तत्काल एम्स पहुंचाया जा सका। यह सुविधा जीवन बचाने के लिये अति लाभकारी है। इस नवीनतम इंडोवस्क्युलर तकनीक द्वारा सिर को बिना खोले ईलाज सम्भव है।

पेशेन्ट का इलाज करने वाले इंटरवेंशनल न्यूरो रेडियोलाजिस्ट डॉ. संदीप बुड़ाथोकी ने इस बारे में बताया कि इस प्रक्रिया में जांघ के पास 2.5 एमएम का सुराग करके वहां से नसों के जरिए कैथेटर को ब्रेन हेमरेज वाली जगह पर पहुंचाया गया व दिमाग के हैमरेज वाले हिस्से को क्वायल किया गया। उन्होंने बताया कि मरीज अब पूरी तरह से खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि इस विधि से उपचार करने से मरीज जल्दी रिकवरी कर सकेगा।

 


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