खड़ाऊ देने पर रिमझिम पर बरसा योगी का प्यार

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खड़ाऊ देने पर रिमझिम पर बरसा योगी का प्यार

लखनऊ । कुछ दिनों पहले हिंदुस्तान पेपर में एक खबर छपी थी कि सात साल की अनाथ बालिका जिसका नाम रिमझिम शर्मा है वो मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से मिलकर उनको वो खड़ाऊ देना चाहती है जो उसके दिवंगत पिता ने मुख्यमंत्री को देने के लिए रखा था।

रिमझिम शर्मा के पिता एक हस्त शिल्पी कारीगर थे और बिजली विभाग के संविदाकर्मी थे जिनकी मृत्यु कुछ दिनों पहले करेंट की चपेट में आने से हो गई थी , रिमझिम की मां का देहांत बहुत पहले हो चुका है !!

अखबार की इस छोटी सी खबर पर किसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी का ध्यान नहीं दिलाया, बल्कि योगी आदित्यनाथजी ने खुद इस खबर को पढ़कर अखबार के कार्यालय पर मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कराया और रिमझिम को आज मुख्यमंत्री आवास पर बुला लिया।

जहां उसकी इच्छा पूरी करते हुए उसके पिता के बनाए खड़ाऊ को स्वीकार किया तथा रिमझिम को पांच लाख रूपए अपने व्यक्तिगत एकाउंट से देने के साथ ही उसके नाम पर पांच लाख रुपए जमा कराए और उसके आगे की पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की इच्छा जताई !!

इस मानवीय संवेदना से भरे महान कार्य के लिए योगी आदित्यनाथजी को एक धन्यवाद तो बनता है है सभ्य समाज की तरफ से…

6 साल की बच्‍ची ने योगी को दी खड़ाऊ, सीएम ने पूछा तो बोलीं- पापा ने बनाई थीं, आपके लिए …..

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक 6 साल की बच्ची ने खड़ाऊ दी हैं। बच्ची बीते काफी समय से सीएम योगी को यह खड़ाऊ देना चाह रही थी। आखिरकार जिद और प्रयासों की बदौलत बच्ची ने योगी की गोद में बैठ उनको खड़ाऊ सौंप दी। मुख्यमंत्री को खड़ाऊ देते वक्त उसने कहा कि, यह उसके पापा ने उनके लिए ही बनाई थीं।

6 साल की रिमझिम राजधानी लखनऊ के ही माल इलाके की रहने वाली है। रिमझिम ने जो खड़ाऊ सीएम को दी हैं, वह उसके पिता ने बनाई थीं। हालांकि अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। बीते साल नवंबर में बिजली खम्बे पर करंट लगने से आनंद शर्मा की की मौत हो गई थी। रिमझिम को दुलारने के लिए उसकी मां भी नहीं है। तीन साल पहले उसकी मां की भी मौत हो गई थी। रिमझिम अब अपने ननिहाल में रहती है।

पहले मां और फिर पिता के हमेशा के लिए दूर चले जाने से वह कई दिन सदमें में रही। वक्त बीतने के साथ थोड़ी सामान्य हुई तो उसे अपने पिता इच्छा याद आई। इसके बाद ही मुख्यमंत्री तक पहुंचने की जद्दोजहद शुरू हुई। स्थानीय लोगों, मीडिया की मदद से आखिरकार उसे अपने पिता की इच्छा पूरा करने का मौका मिल गया। सीएम कार्यालय की ओर से 24 जनवरी को मिलने का समय दिया गया।

तय तारीख के मुताबिक, 6 साल की मासूम सूबे के मुखिया आदित्यनाथ की गोद में बैठ उनको अपने पिता के बनाए खड़ाऊ भेंट किए।

इस दौरान सीएम ने बच्ची पूछा, इसे किसने बनाया है? रिमझिम ने तुरंत कहा, मेरे पापा ने। तुरंत फिर आदित्यनाथ से सवाल किया, उन्होंने क्या कहा था? इस पर उसने कहा, उन्होंने कहा था कि वह इसे योगी बाबा को देने चाहते हैं।

माता पिता खो चुकी रिमझिम से सीएम योगी ने पूछा कि ननिहाल वाले तुम्हारा ख्याल तो रखते हैं न? इसके बाद उन्होने ने पांच लाख रुपए बच्ची के लिए और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने के निर्देश दिए।


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