आप भी इस बीमारी की चपेट में तो नहीं ? डॉ SD जोशी की इस जरूरी सलाह को भूलकर भी नज़रअंदाज़ न करें…

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आप भी इस बीमारी की चपेट में तो नहीं ? डॉ SD जोशी की इस जरूरी सलाह को भूलकर भी नज़रअंदाज़ न करें…

देहरादून । बदलते मौसम में सेहत का ख्याल नहीं रखना भारी पड़ सकता है। मौसम में तेज उतार चढ़ाव के अनुसार शरीर अपने आप को ढाल नहीं पाता और लोग बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। सर्दी से गर्मी और गर्मी से सर्दी में बदलता मौसम लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालता है। तेजी से मौसम में बदलाव हो रहा है। दिन का पारा सामान्य से अधिक तो रात का पारा सामान्य से कम दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में आपको स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है और आप बीमारी की जद में आ सकते हैं।

इम्यून सिस्टम हो जाता है कमजोर

दून मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजिशियन डॉ SD जोशी कहते हैं कि बदलते मौसम में इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसे में सर्दी जुकाम और बुखार की परेशानी आम बात है। खानपान तथा रहन-सहन के मामले में खास ध्यान देने की जरूरत होता है। सर्दी होने पर गर्म पेय पदार्थों का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। गर्मी होने पर खूब पानी और अन्य पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ऐसे मौसम में वायरल बुखार के मामले बढ़ते हैं। बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गो को एहतियात बरतने की जरूरत है।

बच्चों का विशेष रूप से रखें ध्यान

दून मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजिशियन डॉ SD जोशी कहते हैं कि बदलता मौसम बच्चों को भी बीमार कर रहा है। कभी सर्द तो कभी गर्म मौसम होने के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां लोगों को परेशान कर रही हैं। सबसे पहले बच्चे इनकी चपेट में आते हैं। बीमारियों से बचाने के लिए बच्चों के कपड़ों को साफ रखना चाहिए।

बरतें ये सावधानियां

दून मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजिशियन डॉ SD जोशी कहते हैं कि मौसम में बदलाव अपने साथ बहुत सारी बीमारियां साथ ले आता है। ऐसे में लोगों को विशेष रूप से कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत रहता है।

– बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। ऐसे में सूती वस्त्र ही पहनना चाहिए।

– खान पान पर ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पर्याप्त पानी पीना चाहिए।

– ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है।

– अगर सिर दर्द या बुखार महसूस हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें।

– सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है। बदलते मौसम में नियमित योग करना चाहिए।

– मौसम बदलते समय खांसी एवं फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इससे पीडि़त मरीज को रोजाना भाप लेने के साथ नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करना चाहिए।


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