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150 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला, मुख्यमंत्री ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

महज 4 फोन नम्बर वाले खातों में डाल दी 20 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति

150 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला, मुख्यमंत्री ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

महज 4 फोन नम्बर वाले खातों में डाल दी 20 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति

शिक्षा विभाग की जांच में हुआ बड़ा खुलासा, 80 फीसदी बजट निजी संस्थानों को

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में 150 करोड का घोटाला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में लगभग 150 करोड़ के घोटाले का खुलासा हुआ है। शिक्षा विभाग की इस जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले की जांच सीबीआई को देने का एलान किया है।

शिमला। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में गडबड़झाले का मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिछले चार साल में 2.38 लाख विद्यार्थियों में से 19,915 को चार मोबाइल फोन नंबर से जुड़े बैंक खातों में छात्रवृत्ति राशि जारी कर दी गई। प्रथम दृष्टया जांच में पता चला है कि 360 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति भी चार ही बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। 5729 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने में तो आधार नंबर का प्रयोग ही नहीं किया गया है।

निजी शिक्षण संस्थानों ने की नियमों की अनदेखी
शिक्षा विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि छात्रवृत्ति आवंटन में निजी शिक्षण संस्थानों ने सभी नियमों को ताक पर रखा। चार साल में 2772 शिक्षण संस्थानों के 2.38 लाख पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी की गई। इसमें 2506 सरकारी संस्थानों को मात्र 56 करोड़ और 266 निजी शिक्षण संस्थानों को 210 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि जारी की गई। साल 2013-14 से लेकर साल 2016-17 तक शिक्षा विभाग ने भी किसी स्तर पर छात्रवृत्ति योजनाओं की मॉनीटरिंग नहीं की। विभिन्न आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर लिखकर बैंक खाते खुलवाए गए। इन नंबरों पर ही ओटीपी प्राप्त कर फर्जी तरीके से धनराशि निकाली गई। चार साल के दौरान केंद्र सरकार से प्राप्त हुई कुल छात्रवृत्ति राशि का अस्सी फीसदी बजट निजी संस्थानों को ही बांट दिया गया। शिक्षा विभाग की इस जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले की जांच सीबीआई को देने का एलान किया है।

केंद्र सरकार ने तलब की रिपोर्ट
जनजातीय विकास मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय छात्रवृत्ति घोटाले की गहनता से मानीटरिंग कर रही है। केंद्र सरकार ने शिक्षा विभाग से रिपोर्ट तलब की है। मंत्रालय ने साल 2013 से 2016 तक जारी हुई छात्रवृत्ति राशि का संस्थानों सहित ब्योरा मांगा है।

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