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एक ऐसा गांव जहां अभी तक नहीं गया था कोई विधायक

71 साल में पहली बार इस गांव में पहुंचा कोई विधायक

एक ऐसा गांव जहां अभी तक नहीं गया था कोई विधायक

71 साल में पहली बार इस गांव में पहुंचा कोई विधायक

आजादी के इतने सालों बाद किसी पंचायत के लोगों ने देखा कि विधायक कैसा होता है। पिछले 71 सालों में किसी विधायक ने इस पंचायत में जाने की जहमत नहीं उठाई। शायद इस बार भी ऐसा हो जाता लेकिन गांव के हालात कुछ ऐसे हो गए मामला मुख्यमंत्री दरबार में उठा और विधायक को गांव में जाना पड़ा।

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र की बड़ा भंगाल पंचायत एक ऐसी पंचायत है, जहां आज तक बैजनाथ का ही कोई विधायक नहीं पहुंचा था। यहां तक की चुनाव प्रचार के दौरान भी यहां कोई नहीं जाता है। वर्ष 2009 में पहली बार चुनाव आयोग ने इस पंचायत में पोलिंग बूथ स्थापित करने के आदेश दिए थे। इसके बाद से यहां हर चुनाव में हेलीकॉप्टर के माध्यम से पोलिंग पार्टियां जाती है।

गांव तक पहुंचने में लगता है 3 दिन का समय
भंगाल पंचायत  तक हेलीकॉप्टर या फिर साढ़े चार हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित दुरुह पहाड़ों और ग्लेशियरों को पैदल पारकर ही पहुंचा जा सकता है। पैदल  भी कम से कम तीन दिन का समय लग जाए। बड़ा भंगाल पंचायत में करीब 650 लोग रहते हैं। यह लोग सर्दी शुरू होने पर 70 किमी दूर बीड़ गांव आ जाते हैं और गर्मी का आगाज होते ही छह माह के लिए फिर अपने गांव लौट जाते हैं।

गांव में पैदा हो गए थे भुखमरी जैसे हालात
इस बार गांव को बैजनाथ के बीड़-राजगुंधा होकर जाने वाला पैदल रास्ता बीच में मलबा गिरने से बंद हो गया है। दूसरे विकल्प के रूप में चंबा के होली से होकर एक पैदल रास्ता है लेकिन इस रास्ते से घोड़े व खच्चर नहीं जा सकते हैं। ऐसे में गांव में इस बार राशन ही नहीं पहुंच पाया है। इससे भुखमरी जैसे हालात पैदा होने लग पड़े थे। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के दरबार में जब यह मामला पहुंचा तो उन्होंने तुरंत स्थानीय विधायक मुल्ख राज प्रेमी की देखरेख में गांव तक हेलीकॉप्टर के माध्यम से राशन पहुंचाने के आदेश दिए। इसके बाद हेलीकॉप्टर व कुल्लू के पतलीकूहल से खच्चरों के माध्यम से करीब 53 क्विंटल खाद्य सामग्री बड़ा भंगाल पहुंचाई गई।

विधायक मुल्ख राज प्रेमी की आंखों में आ गए आंसू
बैजनाथ के विधायक मुल्ख राज प्रेमी बताते है कि भंगाल पंचायत में जैसे ही उन्होंने कदम रखा, वहां के लोगों द्वारा किए गए उनके स्वागत और गांव के लोगों की पीड़ा को देखकर उनके आंसू छलक पड़े। जब मैं विधायक बना था, तो उस समय ही सोच लिया था कि इस पंचायत के कुछ करूंगा, वहां जाउंगा। आज यह सपना पूरा हुआ है और गांव की जो भी समस्याएं है उनका समाधान करवाया जाएगा। यहां बिजली की चल रही समस्या का भी हल होगा।

2011 में पहुंचे थे सीएम धूमल
23 सितंबर 2011 को बड़ा भंगाल में पहली बार कोई मुख्यमंत्री पहुंचा था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल शिमला से हेलीकॉप्टर के माध्यम से बड़ा भंगाल पहुंचे थे तथा यहां जनसभा को संबोधित किया था।

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