खबर इंडियाहरियाणा

अय्याशी के अड्डे बन रहे यहां के रिजॉर्ट व रेस्टोरेंट

यहां पर दिन के नहीं,घंटों के हिसाब से बुक होते हैं कमरे

अय्याशी के अड्डे बन रहे यहां के रिजॉर्ट व रेस्टोरेंट

यहां पर दिन के नहीं,घंटों के हिसाब से बुक होते हैं कमरे

पंचकूला । देश के तमाम शहरों में तेजी से खुलते रेस्टोरेंट, होटल एवं रिजॉर्ट में से बड़ी संख्या में अय्याशी के अड्डे में तब्दील होते जा रहे हैं। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण कम समय में अधिक पैंसे कमाने की चाहत। कई शहरों में होटल एवं रिजॉर्ट में कमरे दिन के नहीं बल्कि घंटों के हिसाब से दिए जाते हैं। ऐसा ही कुछ देखना को आ रहा है एक शहर में। पर्यटन क्षेत्र मोरनी में लगातार बढ़ रहे छोटे-छोटे रेस्टोरेंट, होटल एवं रिजॉर्ट अय्याशी के अड्डे बनते जा रहे हैं। यहां पर कमरा दिन के नहीं, बल्कि घंटों के हिसाब से बुक किया जाता है। रोजाना इन रेस्टोरेंटों में बुकिंग फुल रहती है। दरअसल पंचकूला, चंडीगढ़ एवं मोहाली के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से लोग मोरनी आते हैं, जिसमें अधिक तादाद युवाओं की है। मोरनी खंड में दुष्कर्म की कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी है। इसके बावजूद पुलिस का इन रेस्टोरेंट मालिकों पर कोई कंट्रोल नहीं। 500 से एक हजार रुपये में बुक होने वाले कमरों में जमकर अय्याशी होती है। ऐसा नहीं है कि पुलिस को इस बारे में जानकारी नहीं है। पुलिस के कर्मचारी भी इन रेस्टोरेंट का प्रयोग करते हैं। पिछले दिनों डीसीपी राजेंद्र मीणा ने रेस्टोरेंट एवं रिजॉर्ट प्रबंधकों को निर्देश दिये थे कि रजिस्टर मेन्टेने करें और पर डाटा रखें। पर जो रेस्ट हाऊस प्रबंध खुद ऐसे काम करवा रहे हैं, उन पर ऐसी हिदायतें क्या काम करेंगी।

सैलानियों को आकर्षित कर रही मोरनी की वादियां
मोरनी में गत वर्षो में सैकड़ों होटल व रिजॉर्ट खुल गए हैं। मोरनी के स्थानीय कारोबारियों के साथ बाहर के लोग भी इस धंधे में खूब चांदी कूट रहे हैं। क्षेत्र के रिजॉर्ट व होटल्स में कमरे चार-पांच सौ से मिलने शुरू हो जाते हैं। उस कारण कोई भी व्यक्ति यहां ठहर सकता है। कमरों के कम दाम होने के कारण अपराधिक प्रवृति के लोग यहां कई-कई दिन रुके रहते हैं। हाल ही में मोरनी के नजदीक एक होटल में गोलीबारी इसका ताजा उदाहरण है।

मोरनी के प्रवेश रास्तों में कही भी स्थाई चेकपोस्ट नहीं है। कैंबवाला में कुछ दिन पहले भी सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। वहां के आसपास के ग्रामीणों ने कुछ समय पहले अवैध खुल रहे होटलों व इनमें संचालित संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ धरना भी दिया था। पर इन होटलों में चल रही गतिविधियों पर लगाम नहीं लगी। इसके अलावा मोरनी में गत वर्ष कुरुक्षेत्र के तीन बच्चों की हत्या व स्थानीय मंदिर पुजारी की सरेआम हत्या, कुछ वर्ष पूर्व मोहाली की युवती के साथ रेप, अब चंडीगढ़ की 22 वर्षीय युवती के साथ दरिंदगी ने मोरनी क्षेत्र में हो रहे अवैध व अपराधिक गतिविधियों की पोल खोलकर रख दी है। इन घटनाओं से क्षेत्र के लोग सहम गए हैं। आज से कुछ 10 वर्ष पूर्व का शांत मोरनी अचानक क्राइम व अवैध घटनाओं का सेफ स्थान बन गया है।

पंचकूला के डीसीपी राजेंद्र कुमार मीणा का कहना है कि मोरनी में विशेषतौर पर दिन के एक बजे से रात के 11 बजे तक निरीक्षण भी निरंतर किया जाएगा तथा विभिन्न चेकपोस्ट लगाए गए हैं। इसके साथ साथ चौकी और होटल मालिकों को आने वाले लोगों की जानकारी रखने के लिए रजिस्ट्रर मेन्टेन करने के पूर्व आदेश जारी किए गए थे। मोरनी थाने को चौकी में तबदील करने की प्रक्रिया जारी है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close