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इस युवा अधिकारी के जज्बे को सलाम

इस युवा अधिकारी के जज्बे को सलाम

युवाओं के लिए काम करता एक युवा अधिकारी

कौशल विकास के जरिए सुनहरा भविष्य बनाते युवा

अरूण चमोली
 अरूण चमोली

देहरादून। उत्तराखंड में कई ऐसे युवा आईएएस अधिकारी हैं जो अपनी लीक से हटकर कार्यशैली के कारण जनता के बीच खासे लोकप्रिय हैं। इन्हीं युवा अधिकारियों में एक नाम है आईएएस अधिकारी पंकज पांडेय का। सौम्य, मिलनसार और तेज तर्रार अधिकारियों में गिने जाने वाले पंकज पांडेय को सरकार ने अभी तक के उनके कार्यकाल में जो भी जिम्मेदारी सौंपी उसका उन्होंने पूरी ईमानदारी के साथ निर्वाह किया। इसी का प्रतिफल है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक कौशल विकास मिशन की कमान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस युवा आईएएस अधिकारी को सौंपी। जिसका परिणाम भी जल्द ही धरातल पर दिखने लगा। आज समूचा उत्तराखंड कौशल विकास को गंभीरता से लेता हुआ नजर आ रहा है। उत्तराखंड कौशल विकास मिशन के परियोजना निदेशक डॉ पंकज कुमार पांडेय ने कौशल विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसका प्रतिफल है कि आज नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों और पहाड़ों से शहरों का रूख करने के बजाय लोग कौशल विकास के प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। डाॅ पंकज पांडेय ने बड़ी संख्या में युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर यह साबित कर दिखाया है कि अगर आप में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। डाॅ पंकज पांडेय जिस कुशल नेतृत्व क्षमता से उत्तराखंड में कौशल विकास को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं उसे देखकर लगता है कि आने वाले कुछ सालों में उत्तराखंड में बेरोजगारी का नामोनिशान नहीं रहेगा।

डाॅ पंकज पांडेय की सोच कोई युवा न रहे बेरोजगार
2020 तक 1 लाख युवाओ को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

उत्तराखंड कौशल विकास मिशन के परियोजना निदेशक डॉ पंकज कुमार पांडेय के सार्थक प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखंड देश में ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 2020 तक 1 लाख युवाओ को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। हिमालय की तलहटी में बसा उत्तराखंड देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में से एक है। राज्य में कई हिल स्टेशन, वन्यजीव पार्क, तीर्थ स्थल और ट्रेकिंग मार्गों की उपस्थिति उत्तराखंड को एक आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने के साथ ही रोजगार के संसाधन भी पैदा करती है। उत्तराखंड में कौशल विकास के प्रमुख क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी (आतिथ्य), सौंदर्य और कल्याण, सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और कृषि शामिल हैं। यही वजह है कि यूकेएसडीएम स्टार्टअप और उद्यमशीलता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जिससे कि युवा अपने घर और शहर के आसपास ही व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर सकें, जो कि पलायन को धीमा करने में मदद करेगा। और यूकेएसडीएम मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण), पूंजीगत सामान और इसी तरह के क्षेत्रों में प्रशिक्षण दे रहा है। परियोजना निदेशक डाॅ पंकज पांडेय के कुशल नेतृत्व में यूकेएसडीएम वैश्विक बाजार में मांगों के प्रकार के कौशल के बारे में भी अध्ययन कर रहा है ताकि भारत में युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।

युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के लिए तैयार करना है लक्ष्य
परियोजना निदेशक डाॅ पंकज पांडेय की दूरदर्शी सोच का नतीजा है कि कौशल विकास की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए यूरोप इंडिया फाउंडेशन फॉर एक्सीलेंस (एआईएफई) के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए है। उत्तराखंड के युवा रोजगार प्राप्ति में अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कहीं कमजोर न पड़े इसके लिए ब्रिटिश काउंसिल के साथ संपर्क में है ताकि राज्य का युवा वैश्विक स्किलिंग पारिस्थितिकी तंत्र को समझ सकें। हमनें उद्योगों और प्रशिक्षण प्रदाताओं के साथ सहयोग करने की पहल भी कर रहा है जो विश्व स्तर के प्रशिक्षण, बुनियादी सुविधाओं और प्लेसमेंट सुविधाओं की स्थापना में राज्य की मदद कर सकते हैं। यह बुनियादी ढांचा आगे चल कर उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक बाजार में रोजगार में मदद करेगा।
पलायन रोकने में कारगर साबित होगा कौशल विकास
उत्तराखंड में बेरोजगारी का मार बहुत ज्यादा है। पहाड़ो से पलायन की एक बड़ी वजह रोजगार है। पलायन से निपटने में कौशल विकास एक कारगर हथियार हो सकता है। राज्य में कृषि की स्थिति इतनी लाभकारी नहीं हैं और न ही उद्योग धंधों में रोजगार की स्थिति इतनी बेहत्तर है। कहीं अगर रोजगार है भी तो वहां प्रशिक्षत युवाओं की आवश्यकता है। इसी के लिए यूकेएसडीएम् युवाओं को विशव स्तरीय सेवाओं की आवश्यकता के अनुसार कुशल करने का कार्य कर रहा हैं। जिस तरह से डाॅ पंकज पांडेय के कुशल नेतृत्व में काम हो रहा है उससे देखने में लग रहा है कि कुछ सालों में ही सार्थक परिणाम सामने आयेंगे और उत्तराखंड का कोई भी युवा रोजगार के लिए पलायन करता हुआ नजर नहीं आयेगा।

उत्तराखंड को मिला उत्कृष्टता पुरस्कार

उत्तराखंड कौशल विकास समिति के परियोजना निदेशक डा पंकज पांडेय के अथक प्रयास का ही नतीजा है कि पैरिस में आयोजित सेकेंड ग्लोबल स्किल डेवलेपमेंट मीट में उत्तराखंड को कौशल विकास के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी के अभिनव उपयोग के लिए उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उत्तराखंड कौशल विकास समिति के परियोजना निदेशक डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस दौरान परियोजना निदेशक ने स्वास्थ्य, आतिथ्य, सौंदर्य और कल्याण, सुरक्षा, आदि में विशेषज्ञता वाले उद्योगों और प्रशिक्षण प्रदाताओं से सहयोग की अपील की थी।

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