स्किल इंडिया

हमारा लक्ष्य हर हाथ को हुनर हर हाथ को रोजगार

गांव-गांव हो खुशहाल और पलायन का न हो कोई नामो निशान

हमारा लक्ष्य हर हाथ को हुनर हर-हाथ को रोजगार

गांव-गांव हो खुशहाल और पलायन का न हो नामो निशान

लोगों का सपना सकार करती उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति

एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के द्वारा फ्यूजन होटल मैनजमैंट संस्थान की सार्थक पहल

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जनपद में मौसम कड़ाके का सर्द है। लेकिन इस जनपद के पुरोला ब्लाक के गुंदयाण गांव व रेवड़ी वासियों के चेहरों पर कड़ाके की सर्दियों में भी मुस्कान देखने को मिल रही है। साथ ही दिखाई दे रहा है कुछ कर गुजरने का जज्बा। खास तौर से महिलाओं में उत्साह और उमंग का बातावरण देखने को मिल रहा है। उनके मन भी सपनों के सच होने की उम्मीद दिखाई दे रही है। गुंदयाण गांव व रेवड़ी वासियों के चेहरों पर मुस्कान लाने काम किया है फ्यूजन इंस्टिट्यूट होटल मैनजमैंट संस्थान ने और यह सब संभव हो पाया है उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति और एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के द्वारा।
फ्यूजन इंस्टिट्यूट होटल मैनजमैंट संस्थान द्वारा इन दिनों उत्तरकाशी जनपद पुरोला ब्लाक के गुंदयाण गांव व रेवड़ीवासियों को लघु समयावधि का व्यवसायिक प्रशिक्षण कोर्स कराया जा रहा है। इस कोर्स के तहत ग्रामीणों को मशरूम, फल-सब्जियों का उत्पादन, सिलाई-कड़ाई-बुनाई, ब्यूटी-पार्लर कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कोर्स में दोनों गांवों की महिलाओं के साथ ही पुरूषों की भागीदारी भी बड़ी संख्या में देखने को मिल रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ट्रेनिंग लेने वालों लोगों ने
उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति और एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना का आभार व्यक्त किया। साथ ही फ्यूजन इंस्टिट्यूट होटल मैनजमैंट संस्थान का धन्यवाद अदा

किया। लोगों ने बताया कि संस्थान द्वारा नियुक्त किए गए ट्रेनर बेहतर प्रशिक्षण दे रहें हैं। लोगों ने कहा कि इस तरह के कोर्स करने के लिए शहरों का रूख करना पड़ता है साथ ही पैसे भी खर्च होते हैं। जबकि गांव में निशुल्क प्रशिक्षण दि

या जा रहा है । उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति और एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना का की यह पहल सराहनीय है।

हमारा लक्ष्य हर हाथ को हुनर हर-हाथ को रोजगार
गांव-गांव हो खुशहाल और पलायन का न हो नामो निशान

 अरूण चमेाली,निदेशक,फ्यूजन इंस्टिट्यूट होटल मैनजमैंट संस्थान
          अरूण चमेाली,निदेशक,फ्यूजन इंस्टिट्यूट होटल मैनजमैंट संस्थान

फ्यूजन इंस्टिट्यूट होटल मैनजमैंट संस्थान के निदेशक अरूण चमेाली ने उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति और एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना का का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीणों में सभी कोर्सों को लेकर बड़ा उत्साह है। इन कोर्स को करने के लिए क्षेत्र के लोगों की काफी समय से डिमांड थी। प्रशिक्षण को लेकर लोगों की खासा रूचि देखने को मिल रही है। खास तौर से मशरूम उत्पादन और व्यूटी पार्लर कोर्स को लेकर। सिलाई, कढ़ाई, को लेकर भी ग्रामीण महिलाओं में खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। संस्थान प्रयास कर रहा है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों के समूह बनाये जाएं और जिस कोर्स का उन्होंने प्रशिक्षण लिया है उसको वह स्वरोजगार से जोड़ पायें। ग्रामीण क्षेत्रों में एक व्यक्ति के लिए कोई भी कार्य करना आर्थिक रूप से संभव नहीं हो पाता है। यदि समूह के तौर पर कार्य शुरू होता है तो सरकार से आर्थिक मद्द मिलने में भी आसानी रहती है और जिस भी कार्य को करने जा रहें हैं वह बेहत्तर ढंग से संपादित हो सकता है। उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति और एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना का सहयोग मिलता रहा तो हमारी कोशिश रहेगी कि जनपद का कोई भी गांव इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से छूटने न पाये। इसका लाभ यह होगा गांव में ही लोगों को स्वरोजगार मिल पायेगा उनकी आर्थिकी मजबूत होगी। साथ ही इसका सीधा लाभ यह होगा कि ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार हो रहे पलायन को भी रोकने में मद्द मिलेगी। सरकार की तरह ही फ्यूजन इंस्टिट्यूट होटल मैनजमैंट संस्थान की सोच है कि ग्रामीण लोगों की आर्थिकी मजबूत हो और पलायन पर रोक लगे सके।

 

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