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होटल हब बन रहा है हमारा उत्तराखंड

होटल इंडस्ट्री में नौकरियों की कोई कमी नहीं

होटल हब बन रहा है उत्तराखंड

होटल इंडस्ट्री में नौकरियों की कोई कमी नहीं

अरूण पांडेय
अरूण पांडेय

देहरादून।  पर्यटन नगरी उत्तराखंड धीरे-धीरे होटल हब बनती जा रही है। राज्य गठन के बाद इसमें खास तौर से तेजी देखने में आई हैं। राज्य के जिन-जिन शहरों में सैलानी पर्यटन के लिहाज से सालभर आते रहते हैं वहां लगातार होटल इंडस्ट्री ग्रो कर रही है। नए- नए होटलों के साथ ही होटल युक्त शापिंग माॅल व रेस्टोरेंट खुल रहें हैं। जिसको देखते हुए यकीन से कहा जा सकता है कि उत्तराखंड में होटल इंडस्ट्री के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।

देश में टूरिज्म का प्रकोशन और तेजी से बढ़ते इंडस्ट्रियल विकास से होटल उद्योग को काफी बूस्ट किया है। बढ़ते वैश्वीकरण के कारण इस क्षेत्र में करियर की संभावनाएं सिर्फ देश तक ही सीमित नहीं रहीं। आज कई होटल्स चेन्स मौजूद हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहीं हैं। इससे विदेशों में भी करियर के रास्ते खुले हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पर्यटन क्षेत्र के बढ़ते कारोबार के कारण आने वाले दस वर्षों में होटल इंडस्ट्री दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है।

होटल व्यवसाय में कैरियर संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने बात की राजधानी देहरादून के प्रतिष्ठित फ्यूजन इंस्टिट्यूट होटल मैनजमैंट संस्थान के निदेशक अरूण चमोली से। प्रस्तुत हैं होटल इंडस्ट्री में रोजगार से जुड़ी बातचीत के महत्वपूर्ण अंश।

सवाल- अरूण जी, होटल इंडस्ट्रीज में युवाओं का भविष्य किस तरह देखते हैं?
जवाब- होटल इंडस्ट्री में पहले के मुकाबले रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसका सीधा जुड़ाव टूरिज्म इंडस्ट्री से होता है। देश में जितने सैलानी या पर्यटक आएंगे, उतना ही ज्यादा होटल इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। इस लिए इसमें युवाओं का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित है।

सवाल- अरूण जी, होटल के क्षेत्र में कहां- कहां रोजगार संभव हैं?

जवाब- होटल इंडस्ट्री में मुख्य चार फील्ड हैं। इनमें कुकिंग, सर्विस, हाउसकीपिंग, फूड प्रोडक्शन और फ्रंट आफिस आदि हैं।

सवाल- कोर्स करने के लिए आरंभिक शैक्षणिक योग्यता क्या होती है?
जवाब- होटल इंडस्ट्री से जुड़ने के लिए दसवीं के बाद क्राफ्ट कोर्स, दस जमा दो और ग्रेजुएशन के बाद डिग्री और डिप्लोमा किया जा सकता है। अब तो भारत सरकार प्रायोजित कार्यक्रम में आठवीं व दसवीं फेल छात्र भी 100 फीसदी गारंटी के साथ दो महीने का मुफ्त कुकिंग कोर्स कर सकते हैं। उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति के तहत भी युवाओं को होटल मैनजमैंट से जुड़ा शार्टटर्म कोर्स पूरी तरह निशुल्क कराया जा रहा है।

सवाल- होटल इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर किन क्षेत्रों में हैं?
जवाब- क्रेज लाइन, रेलवे कैटरिंग, कारपोरेट आॅफिस, अस्पताल, होटल इंडस्ट्रीज, कस्टमर इंटरफेस, शापिंग मॉल क्विक सर्विस रेस्टोरेंट आदि में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इनमें मेकडोनल, पिज्जा हट, केएफसी, डोमिनोज, रिपब्लिक चिकन, पोपो चिकन आदि अनेक मल्टी नेशनल कंपनियां क्यूएसआर में उतरीं हैं और इनमें रोजगार की अपार संभावनाएं भरी पड़ी हैं।

सवाल- होटल इंडस्ट्री में आरंभिक आय कितनी होती है?
जवाब- 06 हजार से शुरू हो कर 01 करोड़ रुपए महीने की आमदन अपने अनुभव के आधार पर अर्जित कर सकते हैं। डिग्री धारक आरंभ में 20 से 25 हजार रुपए महीना कमा सकता है। इस फील्ड में संजीव कपूर, हरपाल सोखी और हिमाचल की शिप्रा खन्ना की तरह बनने से पैसा और शोहरत दोनों ही मिलते हैं।

सवाल- उत्तराखंड में होटल के क्षेत्र में क्या संभावनाएं हैं?
जवाब- उत्तराखंड धीरे-धीरे होटल इंडस्ट्री का एक बड़ा हब बनता जा रहा है। अकेला पर्यटन ही उत्तराखंड की संपन्नता को बुलंदियों तक ले जा सकता है। एक बात जरूर कहना चाहूंगा होटल इंडस्ट्री को पूरे प्रदेश में व्यापक बढ़ावा मिले इसके लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास की जरूरत है।

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