व्यक्तित्वा

जिंदगी की धूप-छांव

शरीर साथ नहीं दे रहा, लेकिन लिखना-पढ़ना आज भी जारी

जिंदगी की धूप-छांव

— शरीर साथ नहीं दे रहा, लेकिन लिखना-पढ़ना आज भी जारी

– – कर्नल डा. अचलानंद जखमोला की नई पुस्तक उत्तराखंड, हेरिटेज रिक्लेक्टिड

– – आठ पुस्तकें और सैकड़ों रिसर्च पेपर हो चुके हैं प्रकाशित

गुणानन्द जखमोला,, वरिष्ठ पत्रकार
 गुणानन्द जखमोला,     वरिष्ठ पत्रकार

पौड़ी गढ़वाल  पौड़ी गढ़वाल के एक छोटे से गांव (कुंतणी के निकट) से आज से लगभग सात दशक पहले 15 साल का एक बच्चा आगे पढ़ने की जिद को लेकर देहरादून आता है। उसकी मां उसके पैजामे के नाड़े में मामा के द्वारा दिये गये दो रुपये रखती है और हरी भुजी के साथ पांच-छह रोटियां बांध कर देती हैं। बच्चा नदी के साथ-साथ पहाड़ छोड़ मैदान की ओर आता है। तीन दिन की पैदल यात्रा के बाद देहरादून पहुंचता है। न रहने का ठिकाना न खाने का। कहते हैं कि जो हिम्मत करता है ऊपर वाला भी साथ देता है। दून में महंत इंद्रेश ने इस बच्चे की प्रतिभा को पहचाना। यह बच्चा स्वयं भी पढ़ता और दूसरों को पढ़ाता। अपने से अधिक उम्र के बच्चों को पढ़ाने में डर तो लगता लेकिन आगे बढ़ने की चाहत हिलोरे मारती तो डर दब जाता। यह बच्चा आगे चलकर पहले आईआरएस बना और फिर सेना में कर्नल। यह कहानी डा. अचलानंद जखमोला की। फौज में रहते हुए पढ़ना जारी रहा। रिटायर्ड होते हुए भी।


आज कर्नल डा. अचलानंद जखमोला का स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा, हाथ डगमगा रहे हैं और भूल भी रहे हैं, लेकिन लिखना-पढ़ना और सीखना जारी है। 83 साल के कर्नल जखमोला हाल के कुछ समय पहले तक कम्यूटर क्लास जा रहे थे। यह है उनके सीखने की ललक। कर्नल जखमोला ने आधा दर्जन से भी अधिक किताबें लिखी हैं। अंग्रेजी-हिंदी-गढ़वाली डिक्शनरी उनकी देन है, जिसमें दस हजार से भी अधिक शब्द हैं। एक हफ्ते पहले ही उनकी नई किताब उत्तराखंड-हेरिटेज रिक्लेक्टिड प्रकाशित हुई है और उसका लोकार्पण बाकी है। इसमें उत्तराखंड की ृजातियों, संस्कृति और सभ्यता की जानकारी दी गई है। इसमें थोड़ा सा योगदान मेरा भी है लेकिन उन्होंने मुझे ब्रिगेडियर व अन्य बड़े लोगों से भी पहले स्थान दिया है। यह है उनकी सरलता एंव सहजता।

कर्नल जखमोला एल्जाइमर, शरीर कांपने व कुछ दिमागी परेशानी से ग्रसित हैं, लेकिन उनका हृदय पहाड़ के लिए धड़कता है। ऐसे बहुआयामी प्रतिभा के धनी और मेरे प्रेरणास्रोत कर्नल जखमोला के लिए मैं उनके स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना करता हूं।

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