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जाति नहीं, गरीबी के आधार पर आरक्षण देने की जरूरत :- गडकरी

नितिन गडकरी का बड़ा बयान

नितिन गडकरी का बड़ा बयान

जाति नहीं, गरीबी के आधार पर आरक्षण देने की जरूरत

नौकरियां हैं नहीं और आरक्षण पर हो रही है बहस

औरंगाबाद ।  देश में आरक्षण पर जारी सियासत पर रोज नए बयान सुनने को मिल रहे हैं। आरक्षण की मांग को लेकर राजनीतिक दलों के बीच कई दौर की बैठक हो चुकी हैं। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर आरक्षण खत्म करने का आरोप लगाती रही हैं। वहीं बीजेपी और खुद कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक मंच से कह चुके हैं कि आरक्षण को उनके रहते कोई हाथ नहीं लगा सकता है। विपक्षी दलों का आरोप निराधार है।

गरीबी के आधार पर आरक्षण देने की जरूरत :- गडकरी
महाराष्ट्र में जारी मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आरक्षण पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर नहीं बल्कि गरीबी के आधार पर आरक्षण देने की जरूरत है क्योंकि गरीब की जाति, भाषा और क्षेत्र नहीं होती है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर आरक्षण किसी समुदाय को मिल भी जाता है तो नौकरियां कहां हैं, बैंकों में आईटी की वजह से नौकरियां नहीं हैं। वरिष्ठ बीजेपी नेता और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पत्रकारों से कहा कि निराशा और असुविधा के कारण आरक्षण की मांग हो रही है। इसलिए गांव के अंदर खेती में उपज बढ़ाना जरूरी है और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हल निकाल लेंगे।

सात लोग कर चुके हैं खुदकुशी
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में 16 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समुदायों का पिछले कुछ दिनों से आंदोलन जारी है। औरंगाबाद, पुणे, नासिक और नवी मुंबई में आंदोलन हिंसक भी हुआ। जहां दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। आरक्षण की मांग को लेकर अब तक कम से कम सात लोग कथित तौर पर खुदकुशी कर चुके हैं। इस सबके बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि सरकार कानून की प्रक्रिया का पालन करने के बाद मराठा आरक्षण के बारे में ऐलान करेगी ताकि यह कानूनी जांच पर खरा उतरे और अन्य समुदायों के लिए मौजूदा आरक्षण कोटे को प्रभावित किए बिना हो सके।

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One Comment

  1. नितिन गड़करी जी का फैसला अति उत्तम है,ऐसा ही होना चाहिये ,आरक्षण केक्ल गरीबी रेखा से नीचे रहने वालो को ही मिलना चाहिये न कि किसी जाति विशेष को

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