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इस युवा जिलाधिकारी ने दिया इस्तीफा, अमित शाह का मिला आशीर्वाद

कांग्रेस ने इस आईएएस को कहा था आरएसएस का एजेंट

इस युवा जिलाधिकारी ने दिया इस्तीफा, अमित शाह का मिला आशीर्वाद

कांग्रेस ने इस IAS को कहा था आरएसएस का एजेंट

अमित शाह की रणनीति से सकते में तमाम दिग्गज नेता

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक अमले और राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म था कि यह जिलाधिकारी इस्तीफा दे सकते हैं। आज अटकलों पर उस वक्त विराम लग गया जब जिलाधिकारी आईएएस ओपी चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। आखिर क्यों दिया जिलाधिकारी महोदय ने इस्तीफा पढ़िए यह रिपोर्ट।

रायपुर। मिशन 2019 और कई राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए जोर शोर से जुटी भाजपा अपने मिशन को सफल बनाने के लिए पार्टी में खेल, कला और साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्रमुख व्यक्तित्वों को आमंत्रित कर रही है। इसी रणनीति के तहत आज छत्तीसगढ़ में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर के जिलाधिकारी आईएएस ओपी चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। जिसके बाद अमित शाह ने दिल्ली मुख्यालय में उन्हें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह की मौजूदगी में पार्टी सदस्य के तौर पर शपथ दिलाई।

नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में जगाई थी शिक्षा की अलख
छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में आईएएस ओपी चौधरी के भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बनने को लेकर पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं। मीडिया रिपार्टस कह रही हैं कि वह छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी विधानसभा में भाजपा के टिकट से रायगढ़ जिले के प्रतिष्ठित खारसिया सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। चैधरी रायगढ़ जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग के अघरिया समुदाय से आते हैं जिससे वर्तमान विधायक पटेल हैं। अघरिया पटेल को क्षेत्र में कांग्रेस का वोट बैंक माना जाता है। चैधरी के यहां से चुनाव लड़ने से कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लग सकती है। ओपी चौधरी पिछले छह महीनों से रायगढ़ और खरसिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। जिससे कयास लगाया जा रहा था कि वह यहां से चुनाव लड़ सकते हैं। ओपी चौधरी को राज्य के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में शिक्षा में बदलाव लाने का श्रेय दिया जाता है। बीते शनिवार को साल 2005 बैच के आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी ने अपना इस्तीफा शासन को भेज दिया था।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किया है अच्छा काम
ओपी चौधरी अघरिया समुदाय से आते हैं, जिसका कि रायगढ़ में अच्छा-खासा वर्चस्व है। ऐसे में बीजेपी के लिए चौधरी पर दांव लगाना फायदे का सौदा हो सकता है। ओपी चौधरी को नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास के लिए बेहतर काम करने के चलते 2011-12 में प्रधानमंत्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

कांग्रेस की परंपरागत सीट है खरसिया विधानसभा
खरसिया विधानसभा सीट छत्तीसगढ़ के प्रमुख विधानसभा सीट में से एक है। यह सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है और यहां से अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता अर्जुन सिंह भी चुनाव लड़ चुके हैं। 2013 के विधानसभा चुनावों से पहले बस्तर के दरभा क्षेत्र में झिरम घाटी नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल खरसिया विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक हैं। वहीं कांग्रेस ने चैधरी को आरएसएस का एजेंट कहा था और उन पर अपनी सेवा के दौरान सत्तारूढ़ भाजपा का समर्थन करने का आरोप लगाया था।

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