खबर इंडियाघुमक्ङ इंडिया

चारधाम यात्रा के लिए तैयार है देवभूमि उत्तराखंड

पर्यटन एप से ट्रेस हो सकेगी यात्रियों की लोकेशन

चारधाम यात्रा के लिए तैयार है देवभूमि उत्तराखंड

पर्यटन एप से ट्रेस हो सकेगी यात्रियों की लोकेशन

देहरादून।  देवभूमि उत्तराखंड में 18 अप्रैल से चारधाम यात्रा का भव्य आगाज होने जा रहा है। देश और दुनिया से आने वाले लाखों श्रृधालुओं को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने इस बार काफी पहले से तैयारिंया पूरी कर ली थी। प्रदेश के चारधामों में से गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 18 अप्रैल को खुल जाएंगे। अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को है इस दिन से चार धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी क्योंकि इस दिन गंगोत्री और यमनोत्री के कपाट खुल जाएंगे। लेकिन इस साल कुछ ऐसा संयोग बना है कि केदारनाथ के कपाट अक्षय तृतीया के 11 दिन बाद 29 अप्रैल को और बदरीनाथ के कपाट अक्षय तृतीय के 12 दिन बाद 30 अप्रैल को खुल रहे हैं। जबकि आमतौर पर अक्षय तृतीय के दो-तीन दिन बाद केदारनाथ और इसके अगले दिन बदरीनाथ के कपाट खुल जाते हैं।  इस बार आने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने सभी सुविधाएं जुटाने का दावा किया है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने का कहना है कि इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा ज्यादा तीर्थ यात्री आएंगे। इनकी सुविधा को लेकर सरकार पूरी तरह से गंभीर है। ऑल वेदर रोड यात्रा में रोड़ा न बने, इसके लिए भी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चारों धाम, पड़ाव व कस्बों को इस बार पॉलीथिन मुक्त रखने के आदेश दिए हैं। गढ़वाल कमिश्नर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा इस बार पिछली यात्राओं के मुकाबले कई मायनों में अलग होगी। सड़क मार्ग से लेकर यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था तक पहले के मुकाबले इस बार काफी बेहत्तर है। कपाट खुलने के मौके पर जहां चारों धामों में भव्य आयोजन किए जा रहे हैं, वहीं केदारधाम में खासतौर से लेजर लाईट प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। जो पहली बार उत्तराखंड में आयोजित किया जा रहा है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भक्ति भाव में लीन रहने वाले श्रृधालुओं के लिए खास तौर से आध्यात्म केन्द्रों की व्यवस्था की गई है। वहीं देव प्रसाद भी इस बार खास होगा। यह शुद्व रूप से आर्गनिक होने के साथ ही साफ-सुथरे ढंग से उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किया गया है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पर्यटकों और श्रृधालुओं को पहाड़ी व्यजनों का लुफ्त उठाने को मिलेगा। होटलों में मनमानी रोकने के लिए सरकार ने पहले ही होटल व्यवसाईयों से मीटिंग कर उनकी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग पर अक्सर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। उत्तराखंड सरकार ने सुरक्षित यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाएं चाक चैंबद की हुई हैं।

पर्यटन एप से ट्रेस हो सकेगी यात्रियों की लोकेशन
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि आल वेदर रोड का काम यात्रा के दौरान स्थगित रखा जाएगा। भूस्खलन और डेंजर जोन में जेसीबी मशीन और सुरक्षा के अन्य इंतजाम किए जाएंगे। इसके अलावा पहली बार लांच किए जा रहे पर्यटन एप से यात्रियों की लोकेशन ट्रेस की जा सकेगी। खासकर नो नेटवर्क जोन में वाइ-फाइ से पर्यटन एप जोड़ा जाएगा।

चारधाम यात्रा का विशेष आकर्षण पर्यटन एप
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि चारधाम मार्ग में 218 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा 234 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बार चारधाम यात्रा का विशेष आकर्षण पर्यटन एप रहेगा। इस एप से यात्रियों की लोकेशन अपडेट रहेगी। खासकर केदारनाथ, यमुनोत्री में नेटवर्क समस्या पर लोग वाइ-फाइ की सुविधा पर्यटकों को मिलेगी। 18 अप्रैल से एप काम करना शुरू कर देगा। हालांकि 29 अप्रैल को औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। यात्रियों के लिए फोटो मेट्रिक पंजीकरण, सहायता, सूचना केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। सभी होटल, ढाबों और दुकानों में रेट लिस्ट चस्पा करने के आदेश जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।

यात्रा को 13 हजार छह सौ वाहनों की व्यवस्था
चारधाम यात्रा के लिए इस बार 13 हजार छह सौ वाहनों की व्यवस्था की गई है। इसमें ऋषिकेश रोटेशन से चलने वाली 1350 बसें, देहरादून से 100, उत्तराखंड परिवहन निगम की 100 और कुमाऊं मंडल की करीब 50 बसें चारधाम यात्रा में लगाई जा रही है। इसके अलावा छोटी और बड़ी कुल लगभग 12 हजार टैक्सियां भी तीर्थ यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेंगी। विशेष परिस्थिति में पांच सौ से ज्यादा स्कूल बसों का भी प्रयोग किया जाएगा।

मोबाइल एप से भी होगा चारधाम यात्रा का पंजीकरण
चारधाम यात्री सुविधाओं के मद्देनजर पहली बार मोबाइल एप के जरिए भी यात्रियों के पंजीकरण की तैयारी की गई है। विभाग ने चारधाम यात्रा मार्ग के 30 स्थानों पर पंजीकरण काउंटर खोले हैं। चारधाम यात्रा मार्ग में पॉलीथिन और थरमाकोल पर पूरी तरह से प्रतिबंधित लगाया गया है। यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए यात्रा मार्ग पर 34 स्थान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां भूस्खलन का खतरा रहता है। इन स्थानों पर 44 जेसीबी मशीनें तैनात की जा रही हैं।

उत्तरकाशी में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा बताते हैं कि कारोबार के लिहाज से 2016 और 2017 दोनों अच्छे थे। आपदा का दुःस्वपन अब बीती बात है। इस बार गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में रिकॉर्ड तीर्थ यात्रियों के पहुंचने की उम्मीद है। गौरतलब है कि उत्तरकाशी में दो धाम स्थित होने के कारण 60 फीसदी स्थानीय आबादी की आजीविका यात्रा पर ही निर्भर है।

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह भी कहते हैं कि इस बार बद्रीनाथ में भी होटल और धर्मशालाओं की एडवांस बुकिंग काफी ज्यादा है। वह बताते हैं कि करीब डेढ़ माह के तक के लिए ज्यादातर होटल और धर्मशालाओं में अस्सी फीसदी बुकिंग है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close