उत्तराखंडखबर इंडिया

विश्व पृथ्वी दिवस :- सिर्फ एक दिन ही क्यों? साँसे हो रही कम आओ मिलकर पेड़ लगायें हम

पृथ्वी दिवस को महज औपचारिकता नहीं अपनी ज़िमेदारी समझें :- राकेश बिजल्वाण

विश्व पृथ्वी दिवस :- सिर्फ एक दिन ही क्यों? साँसे हो रही कम आओ मिलकर पेड़ लगायें हम

पृथ्वी दिवस को महज औपचारिकता नहीं अपनी ज़िमेदारी समझें :- राकेश बिजल्वाण

जानिए किसने की अर्थ डे की शुरुआत और क्यों चुना 22 अप्रैल का दिन?

देहरादून। आज पूरी दुनिया विश्व पृथ्वी दिवस माना रही है। गूगल का डूडल भी आज विश्व पृथ्वी दिवस को समर्पित है। बगैर पर्यावरण के हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। यही कारण है कि हम पर्यावरण संरक्षण और पृथ्वी को बचाने के लिए हर साल 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाते हैं और इसके संरक्षण के लिए संकल्प लेते हैं।

विचार एक सोच के संस्थापक व वरिष्ठ पत्रकार राकेश बिजल्वाण ने कहा कि पृथ्वी बहुत व्यापक शब्द है जिसमें जल, हरियाली, वन्यप्राणी, प्रदूषण और इससे जु़ड़े अन्य कारक भी हैं। धरती को बचाने का आशय है इसकी रक्षा के लिए पहल करना। न तो इसे लेकर कभी सामाजिक जागरूकता दिखाई गई और न राजनीतिक स्तर पर कभी कोई ठोस पहल की गई। कुछ पर्यावरण प्रेमी अपने स्तर पर कोशिश करते रहे हैं, किंतु यह किसी एक व्यक्ति, संस्था या समाज की चिंता तक सीमित विषय नहीं होना चाहिए। सभी को इसमें कुछ न कुछ आहुति देना पड़ेगी तभी बात बनेगी।

2020 में पहले प्रथ्वी दिवस की 50वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। इस वर्षगाँठ को सही मायने में सफल बनाने के लिए प्रथ्वी दिवस का कार्यकारी समूह 21वीं शताब्दी के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए पर्यावरणीय लक्ष्यों का एक महत्वाकांक्षी सेट लॉन्च करने जा रहा है।

पृथ्वी दिवस को अमेरिका में वृक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहले पूरी दुनिया में साल में दो दिन (21 मार्च और 22 अप्रैल) पृथ्वी दिवस मनाया जाता था। लेकिन 1970 से 22 अप्रैल को मनाया जाना तय किया गया। पृथ्वी के पर्यावरण को बचाने के लिए हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम इतना तो करें कि पॉलिथीन के उपयोग को नकारें, कागज का इस्तेमाल कम करें और रिसाइकल प्रक्रिया को बढ़ावा दें! क्योंकि जितनी ज्यादा खराब सामग्री रिसाइकल होगी, उतना ही पृथ्वी का कचरा कम होगा।

पृथ्वी पर रहने वाले तमाम जीव जंतुओं और पेड़-पौधों को बचाने तथा दुनिया भर में पर्यावरण के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लक्ष्य के साथ 22 अप्रैल के दिन ‘पृथ्वी दिवस’ यानि‘अर्थ डे’ मनाने की शुरुआत की गई थी। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है । यह तारीख उत्तरी गोलार्द्ध में वसंत और दक्षिणी गोलार्द्ध में शरद का मौसम है।

अनुमान है कि दुनिया में लगभग 15 अरब पेड़ हर साल काटे जाते हैं इसलिए अपने खुद के पेड़ लगाकर उस नुक्सान को पूरा करने में मदद करें। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और लोगों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन देते हैं। वे कई तरह के जीवों के लिए आश्रय और भोजन भी प्रदान करते हैं। गर्मी कम करने में भी वे सहायक हैं।

पृथ्वी के पर्यावरण को नष्ट करने वाले कारक

1- पॉलीथीन पृथ्वी के लिए सबसे घातक है, फिर भी हम इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं. पृथ्वी दिवस 2018 की थीम भी इसी “प्लास्टिक को ख़त्म करने” पर आधारित है. जबकि वर्ष 2019 के पृथ्वी दिवस की थीम “Protect Our Species” है।

2- पेड़ को काटना और नदियों, तालाबों को गंदा करना हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बना हुआ है।

3- विश्व का मानव संसाधन पर्यावरण जैसे मुद्दों के प्रति कम जागरूक है।

4- प्रथ्वी के प्रति मानव की शोषण धारित प्रवृत्ति का होना।

5- वन और पर्यावरण सुरक्षा कानूनों का शिथिल होना।

अंत में यह कहा जा सकता है कि जिस दिन हम इस प्रथ्वी को आने वाली पीढ़ियों के लिए रहने लायक दुबारा बना देंगे उसी दिन दुनिया सही मायने में अर्थ डे या प्रथ्वी दिवस मनाएगी।

Tags
Show More

Related Articles

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close