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मोदी सरकार के चार साल-साफ नीयत, सही विकास

मोदी सरकार की इन योजनाएं से बदल रही है देश की सूरत

मोदी सरकार के चार साल-साफ नीयत, सही विकास

मोदी सरकार की इन योजनाएं से बदल रही है देश की सूरत

नई दिल्ली। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस मौके पर एक नया नारा भी सामने आया है साफ नीयत, सही विकास। आज बात सिर्फ उन विकासपरख योजनाओं की जिसने देश के विकास को एक नई गति देने का काम किया है। केन्द्र सरकार का यह दावा है कि चार साल के छोटे कार्यकाल में देश में विकास को वो गति दे दी है, जिसके लिए देश आजादी के बाद से अबतक तरसता ही रह गया था। देश के चहुंमुखी विकास और देश के नागरिकों के हर संभव कल्याण के लिए मोदी सरकार ने ढेरों कदम उठाए हैं। इन कार्यक्रमों पर पिछले तीन साल में जिस तरह से काम हुआ है उससे उम्मीद है कि आने वाले कुछ सालों में भारत विकासशील देश के ठप्पे को मिटाकर विकसित देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो जाएगा। देश को बदलाव की दिशा में बढ़ाने के पीछे एकमात्र सोच और विजन खुद पीएम मोदी का है, जिनकी दूरदृष्टि के सहयोग से 2022 तक अपना भारत न्यू इंडिया में परिवर्तित हो चुका होगा। चार साल पूरे होने पर मोदी सरकार ने साफ नीयत, सही विकास का नया नारा भी दिया है। देश के हर क्षेत्र और तबके के विकास को मोदी सरकार चार साल की सबसे बड़ी उपलब्धि मानती है और इसी को केंद्र में रखा जा रहा है।

मोदी सरकार की 20 बड़ी योजनाएं, जिनसे बदल रही देश की सूरत
1984 के बाद 2014 का चुनाव पहला मौका था, जब देश की जनता ने किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत दिया, और देश की आजादी के बाद पहला मौका था, जब किसी गैर-कांग्रेसी दल को लोकसभा में पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए केन्द्र सरकार ने कई जनउपयोगी कदम ऐसे उठाऐ जो पहले कभी नहीं उठाए गए। जिन योजनाओं का लाभ सबसे अधिक लोगों तक पहुंचा, उनमें जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, उजाला योजना आदि प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के चार साल के कार्यकाल की 50 से अधिक ऐसी योजनाओं हैं जिन्होंने देश की जनता को पूरी तरह प्रभावित किया। जिनमें 20 योजनाएं खासा लोकप्रिय हैं।

1- प्रधानमंत्री जनधन बैंक खाता योजना
आजादी के बाद से अबतक देश में गरीबों को बैंकों से दूर रखा गया था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस अन्याय को मिटाने का काम किया है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उन्होंने गरीबों को बैंकों में मुफ्त में खाता खोलने का मौका दिया है। नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे ज्यादा कामयाब योजनाओं में जन-धन बैंक खाता योजना का जिक्र किया जाता है। केंद्र सरकार का कहना था कि आजादी के बाद लगभग 70 साल बीत जाने पर भी देश की करोड़ों की आबादी बैंकिंग व्यवस्था से अछूती रही, और अधिकांश जनता के पास एक बैंक बचत खाता तक नहीं था, सो, वे यह योजना लेकर आए, जिसके तहत जीरो-बैलेंस बैंक बचत खाते खुलवाए गए. सरकार के मुताबिक, इससे न सिर्फ करोड़ों भारतीयों को बैंकिंग व्यवस्था से सीधे जुड़ने का मौका मिला, बल्कि योजना से लाभान्वित हुए गरीब देशवासियों ने जीरो-बैलेंस खाते होने के बावजूद 81,203 करोड़ रुपये बैंकों में जमा कराए.

2-प्रधानमंत्री उज्जवला योजना
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ये योजना बहुत ही सफल और लोकप्रिय साबित हो रही है। इसके तहत गरीब परिवार की महिलाओं को केंद्र सरकार की ओर से निशुल्क एलपीजी कनेक्शन दिए जाने की व्यवस्था है। इस स्कीम के तहत कुल 5 करोड़ गरीब परिवारों के एलपीजी कनेक्शन दिए जाने हैं, ताकि माताएं और बहनों की सेहत की सुरक्षा हो सके। उज्ज्वला योजना मूल रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमाग की उपज बताई जाती है, जिन्होंने करोड़ों संपन्न भारतीयों से रसोई गैस सिलेंडरों पर मिलने वाली सब्सिडी को स्वेच्छा से छोड़ देने की अपील की, और केंद्र सरकार का दावा है कि इस अपील के परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों ने सब्सिडी का त्याग कर दिया, और उसकी बदौलत 3,94,60,489 गरीब महिलाओं के रसोईघरों में रसोई गैस पहुंची, या उनके परिवारों को सीधा लाभ मिला. मोदी जी ने करोड़ों महिलाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट और सेहत दुरुस्त करने का काम किया है। अगर देश की महिलाएं और बच्चे स्वस्थ होंगे तो भारत भी सेहत मंद होगा और इस योजना के पीछे पीएम मोदी की यही दूर-दृष्टि काम कर रही है।

3- जनसुरक्षा योजना
भारत में जीवन बीमा करने के लिए आज लाइफ इंश्योरेंस ऑफ इंडिया समेत कई कंपनियां मौजूद हैं, जिनके पास करोड़ों ग्राहक भी हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कभी कोई बीमा पॉलिसी जारी नहीं की गई थी. 9 मई, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसुरक्षा योजना के तहत तीन योजनाओं की घोषणा की थी, जिनमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना भी शामिल थी. च्डश्रश्रठल् दो लाख रुपये तक का जीवन बीमा प्रदान करती है, यानी बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने की स्थिति में उसके परिवार को दो लाख रुपये की राशि दी जाती है. च्डश्रश्रठल् के तहत मिलने वाली पॉलिसी को हर वर्ष नवीकृत करना होता है, और उसके लिए 330 रुपये की प्रीमियम राशि देनी होती है. इस राशि के अतिरिक्त बीमित व्यक्ति को मौजूदा वर्ष में लागू सर्विस टैक्स तथा बैंकों की एडमिनिस्ट्रेटिव फीस के तौर पर 41 रुपये चुकाने होते हैं. केंद्र सरकार का दावा है कि मई, 2018 तक लगभग 19 करोड़ भारतीय इस योजना में शामिल हो चुके हैं. 9 मई, 2015 को प्रधानमंत्री ने जिन दो अन्य योजनाओं की घोषणा की थी, वे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना हैं.

4- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
देश की लगातार बढ़ती आबादी के बीच बेरोजगारी ऐसी समस्या रही है, जिसने अधिकतर भारतीयों को परेशान कर रखा है. इसी समस्या से निपटने के उद्देश्य से नरेंद्र मोदी सरकार ने लोगों को स्वरोजगार की ओर मोड़ने का प्रयास किया, तथा युवाओं से अपना-अपना कारोबार स्थापित करने का आग्रह करते हुए मुद्रा योजना शुरू की, जिसके तहत सरकार की ओर से ऋण उपलब्ध कराया जाता है, ताकि लोग अपना व्यापार शुरू कर सकें या पहले से स्थापित व्यापार का विस्तार कर सकें. इसके तहत 50 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का बैंकों से उधार देने की व्यवस्था है। इस योजना ने छोटे कारोबारियों की दुनिया रोशन कर दी है। मई, 2018 तक मुद्रा योजना के अंतर्गत 12,78,08,684 ऋण वितरित किए गए हैं.

5- सॉयल हेल्थ कार्ड योजना
देश में किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती नजर आ रही थीं, और आएदिन किसानों द्वारा खुदकुशी करने की खबरें बिल्कुल आम हो चुकी थीं, जो अब तक थमी नहीं हैं. नरेंद्र मोदी सरकार ने उनकी समस्याओं का निराकरण करने के उद्देश्य से सॉयल हेल्थ कार्ड बनाने की घोषणा की, जिसके तहत मई, 2018 तक 13,33,13,396 सॉयल हेल्थ कार्ड बनाए गए. केंद्र सरकार का दावा है कि सॉयल हेल्थ कार्ड से किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा और वह इस कार्ड की मदद से न सिर्फ जमीन की उपजाऊ शक्ति को समझ पाएंगे, बल्कि यह भी जान पाएंगे कि उन्हें किस फसल के लिए कितना यूरिया और खाद खर्च करना पड़ेगा. सरकार का दावा है कि इस सॉयल हेल्थ कार्ड की मदद से किसानों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

6- उजाला योजना
देश में लगातार बढ़ती आबादी के साथ-साथ बिजली की मांग भी लगातार बढ़ ही रही है, जिससे निपटने के लिए केंद्र सरकार ने जनता से आग्रह किया कि साधारण बल्बों, ट्यूबलाइटों तथा सीएफएल (ब्थ्स्) बल्बों के स्थान पर एलईडी (स्म्क्) बल्बों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि बिजली की खपत को कम किया जा सके. यही नहीं, सरकार ने उजाला योजना के अंतर्गत सस्ती दरों पर स्म्क् बल्ब भी उपलब्ध करवाए, और नरेंद्र मोदी सरकार का दावा है कि उजाला योजना के तहत मई, 2018 तक 29,96,35,477 स्म्क् बल्ब लोगों में बांटे गए हैं.

7- भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क योजना
अब इंटरनेट से शहरी भारतीय ही नहीं, बहुत-सा ग्रामीण हिस्सा भी नावाकिफ नहीं है, लेकिन तकनीक का पूरा लाभ अब तक भी सारे देश में नहीं पहुंच रहा था. देश के सभी गांवों तक तकनीक का फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से नरेंद्र मोदी सरकार ने ऑप्टिकल फाइबर के जरिये सारे देश में नेट-कनेक्टिविटी की व्यवस्था करने के लिए ठठछस् के माध्यम से काम शुरू किया. सरकार का कहना था कि गांवों तक तकनीक का विस्तार होने से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा, और सभी देशवासियों तक सूचना का विस्तार भी सरल हो सकेगा. केंद्र सरकार का दावा है कि मई, 2018 तक देश के 1,15,703 गांवों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है.

8- दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
आजादी के 70 साल से भी ज्यादा बीत चुके थे, लेकिन देश के कोने-कोने तक बिजली भी नहीं पहुंच पाई थी. नरेंद्र मोदी सरकार देश के हर गांव के हर घर तक बिजली पहुंचाने में तेजी से लगी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2015 को स्वतंतत्रा दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए 1000 दिनों के अंदर बिजली से वंचित सभी गांव को बिजली प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया था। इसी तस्वीर को बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कदम उठाया, और अब उनका दावा है कि मई, 2018 तक देश के ऐसे 18,374 गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है, जहां अब तक बिजली नहीं थी.

9- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की रूपरेखा गिरते शिशु लिंगानुपात के समाधान के लिए बनाई गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना के पहले साल में ठठठच् जिलों में जन्म के समय लिंगानुपात में 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। ठठठच् जिलों में जन्म के समय लिंगानुपात में न्यूनतम 10 अंकों की वृद्धि का लक्ष्य है और अगले पांच सालों में धीरे-धीरे इसे और अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना से कुछ अन्य उपलब्धियां भी हासिल हुईं हैं, जिसमें बालिकाओं के स्कूल ड्रॉपआउट में गिरावट, 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव, हर गांव में गुड्डा-गुड़िया बोर्ड का गठन, लड़कियों, महिलाओं की सुरक्षा एवं स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालयों की व्यवस्था भी शामिल है।

10- सुकन्या समृद्धि योजना
बेटी घर की लक्ष्मी है। शक्ति स्वरूपा है। बेटी की पढ़ाई और उसकी शादी आप टेंशन फ्री होकर कर सकें इसके लिए सरकार हर कदम आपके साथ है। पैसे की टेंशन को दूर करने के लिए मोदी सरकार की स्कीम है सुकन्या समृद्धि योजना। देश की बेटी आत्मनिर्भर बने और तरक्की करे, इसके लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कैंपेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी। अब देश की हर बच्ची का भविष्य सुरक्षित रहेगा और उसका अपना एक सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट होगा। अकाउंट खुलवाना काफी आसान है। आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में बेटी के नाम से खाते खुलवाने होते हैं। आमतौर पर जिस बैंक में पीपीएफ अकाउंट खुलते हैं, आप वहां बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना खाता खुलवा सकते हैं। ये योजना बालिकाओं के सुनहरे और सुरक्षित भविष्य के लिए बनाई गई है, जिसके तहत उन्हें पूरी शिक्षा और 18 साल की होने पर शादी के खर्च की व्यवस्था सुनिश्चित होती है। ये योजना बालिकाओं और उनके माता-पिता को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए लागू की गई है, जिसमें छोटे निवेश पर ज्यादा ब्याज दर का इंतजाम है।

11-स्वच्छ भारत अभियान
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान आज स्वतंत्र भारत का बहुत ही महत्वपूर्ण जन आंदोलन बन चुका है। देश को स्वच्छ करने की जो पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, वैसा पहले कभी किसी ने नहीं सोचा था। अभियान की शुरुआत करते हुए उस दिन श्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, “2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर भारत उन्हें स्वच्छ भारत के रूप में सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि दे सकता है।” स्वच्छ भारत अभियान के शुरू हुए अभी करीब ढाई साल ही हुए हैं, लेकिन स्वच्छता के प्रति देश सजग हो गया है, साफ-सफाई के प्रति सोच बदल गई है।

12- प्रधानमंत्री आवास योजना
अपना खुद का घर होना हर इंसान का एक सपना होता है। लोगों के इसी उम्मीद को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2022 तक सबको घर देने का वादा किया है। ये योजना मिशन मोड में जारी है। सरकार लोगों को सस्ते घर बनवाकर भी दे रही है और घर खरीदने में भी मदद देने को तैयार बैठी है। मोदी सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से ये योजना भी एक है। इसके तहत शहरों में अबतक करीब 7 लाख पक्के घरों का निर्माण हो चुका है। जबकि ग्रामीण इलाकों में ये योजना पूरे युद्धस्तर पर जारी है।

13- स्टार्ट अप इंडिया
स्टार्टअप ने युवा भारत की तस्वीर बदल कर रख दी है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से भारत स्टार्टअप के मामले में अमेरिका और ब्रिटेन के बाद दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। स्टार्टअप पर नई नीति लागू होने के बाद हजारों करोड़ रूपये का निवेश हुआ है। बड़ी बात ये है कि इसमें महिलाओं की भी जबर्दस्त भागेदारी है। इससे 2020 तक करीब ढाई लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। क्योंकि अब नौकरी का मतलब सिर्फ चपरासी और अफसर होना नहीं है। नौकरी का मतलब आत्मनिर्भर होना है। 10 हजार करोड़ रुपये के कोष से खड़ा हुआ स्टार्टअप अब लोगों को आत्मनिर्भर बना रहा है।

14- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
इस योजना ने देश के किसानों की खेती के प्रति राय बदल दी है। जो लोग खेती को रोजगार के अंतिम उपाय के तौर पर देखते थे, इस योजना ने उनकी सोच बदल दी है। वो अन्य व्यवसाय की तरह जोखिम लेने के लिए तैयार हो रहे हैं। मोदी सरकार का संकल्प कि साल 2022 तक देश के किसानों की आय दो गुना हो जाय। इस योजना की सफलता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पहले किसान अपनी फसलों का जितना बीमा करवाते थे उसकी संख्या अबतक 7 गुना बढ़ चुकी है। यही वजह है कि साल 2016-17 में इसके प्रीमियम पर 13,240 करोड़ रुपये खर्च हुए। चालू वित्त वर्ष 2017-18 में इसके लिए 9 हजार करोड़ रुपये आवंटित किया गया है।

15- पीएम कौशल विकास योजना
सरकार ने गरीबी के खिलाफ लड़ाई के तहत यह अभियान शुरू किया है। पीएम ने कहा कि अगर देश के लोगों की क्षमता को समुचित और बदलते समय की आवश्यकता के अनुसार कौशल का प्रशिक्षण दे कर निखारा जाता है तो भारत के पास दुनिया को 4 से 5 करोड़ कार्यबल उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस पहलू पर ध्यान दे रही है। दुनिया और प्रौद्योगिकी में तेजी से बदलाव को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें भविष्य को ध्यान में रखकर अगले 10 साल के लिये योजना तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने उद्योग तथा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के बीच नियमित रूप से बातचीत की जरूरत की वकालत की। पीएम ने कहा कि अगर चीन दुनिया का विनिर्माण कारखाना है तो भारत को दुनिया का मानव संसाधन का प्रमुख केंद्र बनना चाहिए। यही हमारा मकसद होना चाहिए और हमें इस पर जोर देने की जरूरत है।

16- डिजिटल भारत
21 अगस्त 2014 को ‘‘डिजिटल भारत’’ अभियान शुरु किया गया था। इस अभियान के पीछे मकसद था कि भारत को एक इलेक्ट्रिाॅनिक अर्थव्यवस्था में बदला जाए। इस कार्यक्रम के तहत भारत सरकार की मंशा है कि सभी सरकारी विभाग और भारत की जनता एक दूसरे से डिजिटल रुप से या इलेक्ट्रिाॅनिक तौर पर जुड़ें ताकि प्रभावी प्रशासन चलाया जा सके। इसका एक लक्ष्य कागजी कार्रवाई कम से कम करके सभी सरकारी सेवाओं को जनता तक इलेक्ट्रिाॅनिकली पहुंचाना है। सभी गांवों और ग्रामीण इलाकों को इंटरनेट नेटवर्क से भी जोड़ने की योजना है। डिजिटल भारत के तीन प्रमुख घटक हैं। डिजिटल बुनियादी सुविधाएं, डिजिटल साक्षरता और सेवाओं का डिजिटल वितरण। सरकार की योजना है कि इस कार्यक्रम को पांच सालों में पूरा कर लिया जाए। उम्मीद है कि 2019 तक डिजिटल भारत परियोजना पूरी तरह से काम करने में सक्षम हो जाएगी।

17- मेक इन इंडिया
यह एक नारा है जिसे नरेन्द्र मोदी ने शुरु किया था जिससे भारत में वैश्विक निवेश और विनिर्माण आकर्षित किया जा सके। उसके बाद यह एक अंतर्राष्ट्रीय मार्केटिंग अभियान बन गया। मेक इन इंडिया अभियान इसलिए शुरु किया गया जिससे भारत में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हों और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले। मेक इन इंडिया की कोशिश है कि भारत एक आत्मनिर्भर देश बने। इसका एक उद्देश्य देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अनुमति देना और घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों की हालत दुरुस्त करना है। मेक इन इंडिया अभियान पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधीन है और सरकार ने ऐसे 25 सेक्टरों की पहचान की है जिनमें वैश्विक लीडर बनने की क्षमता है।

18- सांसद आदर्श ग्राम योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2014 को सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की। इस योजना के अनुसार हर सांसद को साल 2019 तक तीन गांवों को विकसित करना होगा। इसका विचार यह है कि भारत के गांवों को भौतिक और संस्थागत बुनियादी ढांचे के साथ पूरी तरह विकसित किया जा सके। इस योजना के लिए कुछ दिशा निर्देश हैं जिन्हें ग्रामीण विकास विभाग ने तैयार किया है। प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2014 को इन दिशा निर्देर्शों को जारी किया और सभी सांसदों से अपील की कि वे 2016 तक अपने संसदीय क्षेत्र में एक माॅडल गांव और 2019 तक दो और गांव तैयार करें।

19- अटल पेंशन योजना
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने फरवरी 2015 के बजट भाषण में कहा था कि दुखद है कि जब हमारी युवा पीढ़ी बूढ़ी होगी उसके पास भी कोई पेंशन नहीं होगी। प्रधानमंत्री जन धन योजना की सफलता से प्रोत्साहित होकर वो सभी भारतीयों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के सृजन का प्रस्ताव करता हैं। इससे ये सुनिश्चित होगा कि किसी भी भारतीय नागरिक को बीमारी, दुर्घटना या वृद्धावस्था में अभाव की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इसे आदर्श बनाते हुए राष्ट्रीय पेंशन योजना के तौर पर अटल पेंशन योजना एक जून 2015 से प्रभावी हो गई है। इस योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को पेंशन फायदों के दायरे में लाना है। इससे उन्हें हर महीने न्यूनतम भागीदारी के साथ सामाजिक सुरक्षा का लाभ उठाने की अनुमति मिलेगी।

20- मेक इन इंडिया
मूल रूप से यह एक नारा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया है. इसके तहत भारत में वैश्विक निवेश और विनिर्माण को आकर्षित करने की योजना बनाई गई, जिसे 25 सितंबर 2014 को लॉन्च किया गया.

मोदी सरकार की ढेर सारी ऐसी योजनाएं और हैं, जिसने न केवल देश के नागरिकों की जिंदगी बदल दी है, बल्कि भारत की ओर देखने का विश्व समुदाय का नजरिया भी बदल दिया है। ये तमाम योजनाएं देश की सामाजिक-आर्थिक ढांचे को न सिर्फ शक्ति दे रही हैं, बल्कि न्यू इंडिया के निर्माण के लिए मातृभूमि की नींव को मजबूती प्रदान कर रही हैं।

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