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भारतीय मीडिया जर्नलिस्ट यूनियन (IMJU) ने  श्रीलंका में हुए सीरियल धमाकों पर किया शोक व्यक्त

हम आतंक के ऐसे घृणित कामों की कड़ी निंदा करते हैं :-अरुण शर्मा

भारतीय मीडिया जर्नलिस्ट यूनियन (IMJU) ने श्रीलंका में हुए सीरियल धमाकों पर किया शोक व्यक्त

हम आतंक के ऐसे घृणित कामों की कड़ी निंदा करते हैं :-अरुण शर्मा

कोलंबो । श्रीलंका में तीन गिरजाघरों और तीन होटलों में करीब एक साथ हुए छह विस्फोटों में कम से कम 156 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। श्रीलंका के इतिहास में यह सबसे भयानक हमलों में से एक है। पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेखरा ने बताया कि ये धमाके स्थानीय समयानुसार आठ बजकर 45 मिनट पर ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी, पश्चिमी तटीय शहर नेगेंबो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए। वहीं तीन अन्य विस्फोट पांच सितारा होटलों- शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए। होटल में हुए विस्फोट में घायल विदेशी और स्थानीय लोगों को कोलंबो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

वहीं हैदराबाद में आयोजित एक आपातकालीन बैठक में भारतीय मीडिया जर्नलिस्ट यूनियन (IMJU) ने उन सीरियल धमाकों पर शोक व्यक्त किया, जिनमें 50 निर्दोष लोगों की मौत और 250 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा किया गया था। “हम आतंक के ऐसे घृणित कामों की कड़ी निंदा करते हैं। निर्दोष लोगों पर इस तरह के बर्बर हमले, वह भी तब जब वे तीन चर्चों में प्रभु यीशु के पुनर्जन्म का जश्न मनाने के लिए एकत्रित हुए, दुनिया भर में सभी शांतिप्रिय लोगों के लिए असमान शब्दों में निंदनीय है। यह अमानवीय और अस्वीकार्य है। एक सभ्य समाज ने कहा, “IJU द्वारा पारित प्रस्ताव। IMJU ने श्रीलंका सरकार के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की और साथ ही सीरियल विस्फोटों में अपने बहुमूल्य जीवन को खोने वाले लोगों के परिजनों और परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की। आपातकाल।” बैठक की अध्यक्षता IMJU के अध्यक्ष बाला भास्कर और सचिव अरुण शर्मा ने की।

दूसरी ओर ‘गल्फ न्यूज’ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि श्रीलंका के पुलिस प्रमुख ने 10 दिन पहले किसी बड़े हमले का इंटेलिजेंस इनपुट दिया था। इनपुट में कहा गया था कि फिदायीन हमलावर देश के प्रमुख चर्चों को निशाना बना सकते हैं। गल्फ न्यूज ने एएफपी के हवाले से यह रिपोर्ट प्रकाशित की है। पुलिस प्रमुख पुजुथ जयसुंदर ने 11 अप्रैल को देश के आला पुलिस अधिकारियों को इनपुट भेजा था जिसमें हमले के प्रति आगाह करने की बात कही गई थी।

इंटेलीजेंस अलर्ट में एक विदेशी इंटेलीजेंस एजेंसी का भी इनपुट जोड़ा गया था और कहा गया था कि नेशनल तौहीत जमात (एनटीजे) नामक संगठन श्रीलंका के कुछ अहम गिरजाघरों को निशाना बनाने की फिराक में है। इस संगठन के निशाने पर कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त भी था. इनपुट में ऐसी जानकारी दी गई थी। गौरतलब है कि जिस एनटीजे का नाम श्रीलंका के धमाके में उछला है, वह कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन है। पिछले साल भी यह संगठन सुर्खियों में आया था जब वहां कुछ बौद्ध धर्मस्थलों पर हमला किया गया था। हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है।

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One Comment

  1. अत्यन्त दुखद ,भगवान से यही प्रार्थना है कि इस आतंकवादी हमले में मारे गये सभी लोगों की आत्मा को शान्ति प्रदान करना ॐ शान्ति शान्ति शान्ति

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