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बहुगुणा पर गिरी गाज

त्रिवेन्द्र सरकार के खिलाफ मुंह खोलने पर गाज

बहुगुणा पर गिरी गाज

त्रिवेन्द्र सरकार के खिलाफ मुंह खोलने पर गाज

देहरादून।  बहुगुणा पर गिरी गाज, जी हां यह खबर बिल्कुल सही है। त्रिवेन्द्र सरकार के खिलाफ मुंह खोलने के मामले में पहली गाज बहुगुणा पर गिरी है। इस कार्रवाही के साथ ही त्रिवेन्द्र सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार की नीतियों पर सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफार्म पर सवाल खड़े किए तो अगला नम्बर आपका भी हो सकता है।

सोशल मीडिया में दुष्प्रचार का है आरोप
सोशल मीडिया में त्रिवेन्द्र सरकार के खिलाफ प्रचार करने के मामले में पहली गाज राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश प्रसाद बहुगुणा पर गिरी है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निर्देश पर बहुगुणा के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। पौड़ी के कल्जीखाल ब्लाॅक के बीईओ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पौड़ी के सीईओ ने जांच अधिकारी को बहुगुणा के फेसबुक पेज के स्क्रीन शाॅट और व्हाॅट्सप से किए गए मैसेज का ब्यौरा भी भेजा है। बहुगुणा इन दिनों पौड़ी के कज्लीखाल ब्लाक के जीआईसी मुंडेश्वर में तैनात है। आपको बता दें कि राजकीय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष के फेसबुक पर सरकार की नीतियों का सवाल उठाते हुए कुछ लेख सामने आने के बाद कुछ शिक्षकों ने इसकी शिकायत शिक्षा मंत्री से की। शिक्षा मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए पौड़ी के सीईओ को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए।

मिर्ची वाले बाबा के नाम से मशहूर हैं बहुगुणा

राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश प्रसाद बहुगुणा सोशल मीडिया में मिर्ची वाले बाबा के नाम से फेमस हैं। मुकेश बहुगुणा भारतीय वायुसेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मिर्ची वाले बाबा के नाम से मशहूर बहुगुणा से लोग बड़ी संख्या में फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे जुड़े हुए हैं और उन्हें फाॅलो करते हैं। बहुगुणा अपने व्यंग्यों को लेकर खासा चर्चाओं में बने रहते हैं। उनके लेख और रचनाएं सोशल मीडिया में चर्चाओं में बनी रहती है। वह न सिर्फ अच्छे व्यंगकार हैं बल्कि गंभीर मुद्दों को भी वह सोशल मीडिया के माध्यम से सामने लाने का प्रयास करते रहते हैं। यही वजह है कि सरकार के इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में उठ खड़े हुए हैं। हर वर्ग के लोग सोशल मीडिया में उनके साथ दिखाई दे रहें हैं।

                    

सरकार की कार्रवाही से लोगों में आक्रोश

सोशल मीडिया के माध्यम से जाहिर कर रहें हैं नाराजगी

शिक्षक मुकेश प्रसाद बहुगुणा पर सरकार की कार्रवाही से बड़ी संख्या में शिक्षकों के साथ ही लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोग सरकार के खिलाफ और बहुगुणा के समर्थन में अपनी भावनाओं का खुलकर इजहार कर रहे हैं।

मोहित डिमरी लिखते हैं कि- जब सरकार पर मिर्ची लगती है, तब सरकार इसी तरह उत्पीड़न करती है।

भानू पांडेय लिखते हैं कि-  अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला, ये पूर्णतरू ——- निर्णय है और मैं एक जिम्मेदार, निर्भीक समाज को बनाने की जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाले समस्त शिक्षकसमाज के प्रान्तीय प्रतिनिधि श्री मुकेश प्रसाद बहुगुणा जी के खिलाफ शासन की इस कार्यवाही का विरोध करता हूँ और अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करता हूँ।
आजाद भारत में अब क्या सरकारें बताएंगी कि हमें क्या बोलना चाहिए और क्या नहीं????????? हमारे विवेक को कमतर ना आंके साहब, अपने शिक्षक भाइयों से भी निवेदन कि आपका संघ, संगठन, शिक्षक स्वातन्त्रय,आवाज सभी खतरे में है। प्रदेश के सरोकारों पर अपनी कलम चलाने वाले, शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए तमाम सुझाव देने वाले, शिद्दत और समर्पण से पहाड़ के विद्यालय में पढ़ाने वाले, और सरकार की गलत नीतियों का मुखर विरोध करने वाले वायुसेना के लड़ाके रह चुके शिक्षक साथी डनामेी च्तंेंक ठंीनहनदं के खिलाफ सरकार ने जांच बिठाने का फरमान जारी किया है. आरोप ये है कि मिर्ची वाले बाबा बहुगुणा जी सोशल मीडिया में सरकार के खिलाफ लेख लिखते हैं. सरकार का यह फैसला, ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है’ की उक्ति को चरितार्थ करता है. इस फरमान पर भी सरकार आखिरकार मुंह की ही खाएगी. बहुगुणा भाई साहब उत्तराखंड की पूरी सरोकारी जमात आपके साथ है. आप लिखते रहिए, मिर्ची लगाते रहिए…

अखिलेश डिमरी लिखते हैं कि-  मुद्दा मिर्ची के जोर से लगने का नहीं बल्कि फिर से लीकेज का है……!
इस बार मिर्ची बाबा की धारा 66 के अंतर्गत तीखी मिरच का कम और अंतराष्ट्रीय समस्या लीकेज का ज्यादा है, डाटा लीक के बाद उम्मीद थी कि आटा लीक होगा लेकिन यहाँ तो अजब ही हो गया ….!
सास बहू , आस पड़ोस जैसी चुगलखोरी के चलते रुमिर्ची बाबा द्वारा लगाई जा रही तीखी मिरच से घायल कुछ चुगलखोरों नें बाबा की शिकायत सल्तनत के सेनापती से कर दी, और हुजूर नें भी मौका न गंवाया मामला दर्ज करने का …… ! और लीकेज ऐसी कि मिर्ची बाबा को कुछ न पता लेकिन मामला अखवार में भी छप गया …? बोले तो जिसने मिर्च लगाई उसे पता ही नहीं कि कौन कब कहाँ कैसे घायल हुआ और सारे शहर में ढिंढोरा कि मिर्ची से घायल तड़फ रहा है।
सत्ता की भाँग से अब जो गांजा गाज बनकर निकलेगा वो सीधा एनसीआरटी की किताबों की अपील से शासनादेश तक ही रुकना चाहिए ….? वैसे भी कामकाज फेसबुकिया जेजेकारों का गुलाम हुआ पड़ा है।
और माननीय मंत्री जी की तो बारम्बार जय जयकार कि अपने विभाग के अंतर्गत नियमविरुद्ध अटेचमेंट पर भले ही वो कोई कार्यवाही न करें लेकिन आलोचनाओं पर जरूर गाज गिराएंगे…?
वैसे मिर्ची बाबा की एक बात तो माननी पड़ेगी कि उनकी मिर्च से घायल कुछ लोगों को अब बबासीर ही हो गया शायद कि सिलाज के बजाय शिकायत करने लगे। बहुत लीकेज है भाई , बाबा आप मिर्ची लगाते रहो हम आपके साथ हैं।
हर हर मिर्ची , घर घर मिर्ची

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