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कोई तो बात है ? यूँ ही नहीं बोलते हरक सिंह रावत

कोई तो बात है ? यूँ ही नहीं बोलते हरक सिंह रावत

खामोश दिख रहे माहौल के पीछे आने वाले तूफान की सरसराहट तो नहीं?

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन एक बड़े राज से पर्दा उठा। एक ऐसा राज जो लगभग 14 साल से किसी के सीने में दफ़न था। जी हां सत्र के दौरान सीएम और कैबिनेट के सामने वन मंत्री का ओहदा संभाल रहे हरक सिंह रावत ने एक बार फिर सदन के सामने बड़ा बयान दिया है।आज विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री स्व नारायण दत्त तिवारी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए डॉ हरक सिंह रावत ने उस समय तख्ता पलट की कोशिशों के खुलासा किया और इशारों ही इशारों में राज्य सरकार को भी चेतावनी दे डाली । वन मंत्री हरक सिंह ने कहा कि उन्होंने नारायण दत्त तिवारी की सरकार गिराने की कोशिश की थी। वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि नारायण दत्त तिवारी सरकार को गिराने के लिए 28 विधायक उनके संपर्क में थे। जिसके लिए भाजपा नेता भगत सिंह कोश्यारी से बात हो गई थी, बीजेपी के साथ मिलकर नई सरकार बनाने की पूरी तैयारी थी।ये बात उन्होंने आज चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान एन डी तिवारी के लिए शोक संदेश पढ़ते हुए कही. इस दौरान सीएम के साथ ही पूरा कैबिनेट मौजूद था।

विद्यायक कर रहे थे इंतजार?

आज जब विधानसभा में श्रधांजलि देने के बाद मंत्री हरक सिंह अपने कक्ष में जाने के बजाय सीधे कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के कक्ष में गए , विधानसभा में दिनभर चर्चायें गर्म थी कि वहां भाजपा के दो दर्जन से अधिक विधायक उनका इंतजार कर रहे थे। वैसे डॉ रावत का राजनीतिक इतिहास बताता है कि वो कोई भी बात बिना मतलब नही बोलते । राजनीतिक विश्लेषक अजय रावत कहते हैं कि वर्तमान सरकार में जिस तरह डॉ रावत को हासिये में लगाने का प्रयास किया जा रहा है तथा मुख्यमंत्री के नजदीकी विधायको जिस तरह बयानबाजी की जा रही है , उससे कहीं ना कही वे आहत हैं । यह ठीक वही परिस्तिथियाँ है जैसी हरीश रावत के नजदीकी लोगों द्वारा उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देने की सलाह दी गयी थी , जिसकी परिणीति में कांग्रेस दो फाड़ होने से हुई थी ।

अलबत्ता यह साफ है कि भाजपा के अंदर खामोश दिख रहे माहौल के पीछे आने वाले तूफान की सरसराहट सुनाई दे रही है , जो 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले नया गुल खिला सकती है । डॉ हरक सिंह के आज स्व तिवारी के संदर्भ में दिए बयान और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के विपरीत परिस्तिथि में भी राजनीति में टिके रहने का हुनर सीखने की सलाह के कई निहितार्थ निकाले जा सकते हैं ।

हरक के बयान पर सियासत

कांग्रेस के विधायक और उपनेता प्रतिपक्ष करण महारा ने इसे लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र करने जैसा करार दिया हैमहारा का कहना है कि हरक सिंह रावत की छवि पहले से ही इस तरह की रही है. लेकिन आज नारायण दत्त तिवारी की श्रद्धांजलि देने के दौरान उनका यह बयान अचंभित करने वाला था।
वहीं डॉ. इंदिरा हृदयेश हरक के बयान का समर्थन करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि वन मंत्री के बयान को बेवजह तूल दिया जा रहा है। हरक सिंह रावत ने बताते बताते बता दिया कि सरकार गिराने के लिए तिवारी ने बुला लिया तो उसमें उन्होंने क्या गलत कह दिया। उन्होंने कहा कि वह जब भी हरक बोलते हैं मजबूती से बोलते हैं और सही बोलते हैं

कैबिनेट मंत्री और शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने भी हरक सिंह रावत का बचाव करते हुए कहा शोक संदेश के दौरान यह उनकी भावनाएं थी, उनकी बातों को बेवजह तूल न दिया जाए। सदन के अंदर सदस्य तिवारी जी के साथ हुए अपने अनुभवों को शेयर कर रहे थे तो उन्होंने भी अपने अनुभव शेयर किए।

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