उत्तराखंडखबर इंडियास्किल इंडिया

खादी फाॅर नेशन, खादी फाॅर फैशन

खादी का एक जोड़ा कपड़ा साल में जरूर पहनें

खादी फाॅर नेशन, खादी फाॅर फैशन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की राज्यवासियों से अपील

खादी का एक जोड़ा कपड़ा साल में जरूर पहनें

उत्तराखंड-  जब हम खादी खरीदते हैं तो हम उन लाखों बुनकरों की जिंदगियों में रोशनी भरने का काम करते हैं जोकि दिन-रात कठिन परिश्रम करते है। कुछ इसी सोच के साथ उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र सरकार ने खादी के विकास को लेकर कमर कस ली है। पिछले कुछ वर्षों को दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खादी को लोकप्रिय बनाने और इसे एक जन आंदोलन का रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उनका आग्रह है कि सभी लोग खादी के सामान खरीदें, खासतौर से गांधी जयंती के दिन। प्रधानमंत्री खुद भी नियमित रूप से खादी पहनते हैं और वो ऐसा बेहद शुरुआती दिनों से कर रहे हैं, जब वो आरएसएस तथा भाजपा संगठन के लिए काम कर रहे थे। पीएम मोदी ने एक मंत्र दिया- ‘खादी देश के लिए, खादी फैशन के लिए’- इसके पीछे विचार ये है कि खादी राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक बने, साथ ही एक फैशन स्टेटमेंट भी बने, जो युवाओं के बीच लोकप्रिय हो सके। उन्होंने कई बार कहा है, “जब हम एक खादी खरीदते हैं, तो हम उन लाखों बुनकरों के जीवन में उजाला कर रहे हैं, जो दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। खादी का एक सामान खरीदना किसी बुनकर के घर में दीवाली लाने जैसा है।” आज निश्चित रूप से खादी को लेकर कहीं अधिक जागरुकता है और ये गरीब से गरीब व्यक्ति को सशक्त बनाने का शक्तिशाली साधन बन सकता है।
त्रिवेन्द्र सरकार भी प्रधानमंत्री मोदी के इस विजन को उत्तराखंड के घर-घर पहुंचाने में जुट गई है। सरकार की कोशिश है बड़ी संख्या में इस ओर लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने की। खादी प्रेमी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की आम जनता से अपील करते हुए कहा कि हैण्डलूम के उत्पादों का इस्तेमाल कर हम इस कार्य से जुड़े मजदूर की पसीने की कीमत उन्हें अदा करते है। यदि हम हैण्डलूम के उत्पादों को खरीदते है तो देश के गरीबों के श्रम का सम्मान करते है। हैण्डलूम भारत में कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है जो लगभग 65 लाख लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री परेड ग्राउण्ड में आयोजित नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में देश के विभिन्न राज्यों से आये बुनकर समूहों के उत्पादों का अवलोकन कर उनके उत्पादों की सराहना की।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि एक्सपो में आये बुनकरों ने बताया कि वे वर्षो से इसमें प्रतिभाग करते आ रहे है। इससे यह अहसास होता है कि यहां पर उनके उत्पादों को लोगों द्वारा काफी पसन्द किया जाता है। उन्होनंे कहा कि हैण्डलूम का क्षेत्र रोजगार प्रदान करने के साथ ही हमारी पुरानी भारतीय परम्परा तथा बुनकर समुदायों की सुदृढ़ सामाजिक व सांस्कृतिक परम्परा को बनाये रखने में भी मददगार रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस अपील से कि साल में हर भारतीय खादी का एक जोड़ा कपड़ा जरूर पहनें। इससे देश में खादी की बिक्री बढ़ी है तथा देश-विदेशों से बड़े डिजाइनर इस क्षेत्र में कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि हैण्डलूम के वस्त्रों का उपयोग कर हम देश के विकास में भी योगदान देते है, इस क्षेत्र में कार्य करने वाले क्षेत्रों में स्वालकुची, आसाम, भागलपुर, संथाल परगना व देवघर का उन्होंने विशेष उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर हिमाद्री के वार्षिक कैलेण्डर का विमोचन किया तथा एक्सपो के थीम पेवेलियन एवं सांस्कृतिक संध्या का भी शुभारम्भ किया। निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल ने बताया कि राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों में वस्त्र उद्योग में प्रतिस्पर्धात्मकता एवं वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करने लिये भारत सरकार एवं राज्य सरकार विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इस क्षेत्र को सहायता उपलब्ध करा रही है। बुनकरों को विपणन के समुचित अवसर उपलब्ध कराने के लिये विकास आयुक्त (हथकरघा), भारत सरकार की विपणन सहायता योजना के अन्तर्गत देश के विभिन्न शहरों में नेशनल हैण्डलूम तथा स्पेशल हैण्डलूम एक्सपो आयोजित किये जाते है। उन्होंने बताया कि देहरादून में भारत सरकार की इस योजना के अन्तर्गत गत 10 वर्षों में नेशनल हैण्डलूम एक्सपो का नियमित आयोजन उद्योग निदेशालय, उत्तराखण्ड एवं उत्तराखण्ड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद द्वारा किया जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन 31 दिसम्बर, 2017 से 13 जनवरी, 2018 तक किया जा रहा है। श्री नौटियाल ने बताया कि नेशनल हैण्डलूम एक्सपो, देहरादून में देश के 14 राज्यों साथ ही उत्तराखण्ड के 46 समितियोंध्व्यक्तिगत बुनकारों सहित शीर्ष हथकरघा संगठन एवं बुनकर समूह अपने उत्पादों सहित प्रतिभाग कर रहे है। उन्होंने बताया कि नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में विभिन्न प्रांतो एवं क्षेत्रों के विशिष्ट हथकरघा उत्पादों को प्रदर्शनी हेतु रखा गया है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close