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भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल के लेटर बम से होगा सियासी धमाका?

सोशल मीडिया में वायरल हुआ लेटर, अपनी ही सरकार को किया कटघरे में खड़ा ?

भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल के लेटर बम से होगा सियासी धमाका?

सोशल मीडिया में वायरल हुआ लेटर, अपनी ही सरकार को किया कटघरे में खड़ा?

देहरादून। अपने बेबाक बयानों को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहने वाले भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल ने लेटर बम धमाका किया है। अब इस धमाके का कितना सियासी असर होगा यह तो भविष्य के गर्त में है लेकिन हल्ला मचना शुरू हो गया है। दरसअल हरिद्वार जनपद की भगवानपुर विधानसभा में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद विधायक कर्णवाल का मीडिया के नाम जारी किये गये प्रेस नोट में कई सवाल हैं। जो भाजपा सरकार को ही कटघरे में खड़ा करते हैं। कर्णवाल ने अपने प्रेस नोट में जहरीली शराब की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा है कि  मैने आज ही मा0 मुख्यमंत्री जी के समक्ष इस घटना को सविस्तार रखा तथा कच्ची शराब के कारोबार से जुडे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की तथा प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद दिलाये जाने का अनुरोध भी किया गया तथा प्रदेश के मुख्य सचिव, आबकारी आयुक्त, जिलाधिकारी हरिद्वार, वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक को भी पत्र लिखकर इस घटना की कड़ी कार्यवाही हेतु पत्र लिखा गया।

प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी की मांग
मैं पूर्व में भी विधान सभा में मांग कर चुका हूॅ कि प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी लागू हो तथा हरिद्वार जनपद में विषेशकर पूर्ण रूप से बंद होनी चाहिए। 1977 से 1980 के मध्य हरिद्वार में शराब बंदी रह भी चुकी है। जनपद में हरिद्वार का अत्यन्त महत्व है कलियर में विश्व प्रसिद्व दरगाह है। रूडकी में आई0आई0टी0 विश्व प्रशिक्षण संस्थान है तथा पूरे जनपद का वातावरण आध्यात्मिक है ऐसी स्थिति में यहाँ पूर्ण नशाबंदी होनी ही चाहिए लेकिन ऐसा ना होकर जनपद में नशा के कारोबारी सक्रिय है
मेडिकल स्टोरों में चल रहा नशे का कारोबार
एक ओर जहाॅ शराब माफिया अपनी मनमर्जी चला रहे हैं वहीं मेडिकल स्टोरों की आड़ में ग्रामीण अंचलों में नशे का कारोबार चलता है। युवाओं को नशे का आदी बनाया जा रहा है यह अत्यन्त चिन्तनीय विषय है। चुनाव जीतने की चाह रखने वाले नेता शराबखोरी और नशे की आदत को बढावा दे रहे हैं मुफ्त की शराब पिलाकर वोट हासिल करने वाले नेता समाज को बरबाद कर रहे हैं। मैने नशा विरोधी मंच बनाकर शराब के विरूद्व आंदोलन चलाया है।
निरस्त हो उम्मदारी
कभी मैने चुनाव में शराब पिलाई है और न ही पिलाऊँगा। मैं भारत के निर्वाचन आयोग से मांग करता हॅू कि किसी भी स्तर के चुनाव में पूर्ण शराब बन्दी की जाय। चुनाव आंचार संहिता लागू होने के साथ ही शराब की बिक्री बंद की जाय और चुनाव अभियान के दौरान शराब पिलाने वाले उम्मीदारों की उम्मीदारी निरस्त की जाय।
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