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पीएम मोदी के कार्बेट पार्क दौरे से हरक सिंह रावत की उम्मीदों को लगे पंख

गढ़वाल और कुमाऊ को पीएम के कार्बेट पार्क दौरे से मिल सकती है यह बड़ी सौगात

पीएम मोदी के कार्बेट पार्क दौरे से हरक की उम्मीदों को लगे पंख

गढ़वाल और कुमाऊ को पीएम के कार्बेट पार्क दौरे से मिल सकती है यह बड़ी सौगात

कंडी रोड़ के आधुनिक शेरशाह सूरी डाॅ हरक सिंह रावत

डॉ हरक सिंह रावत के जीवन की बड़ी उपलब्धि में गिना जाएगा यह फैसला

अरूण शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार।
अरूण शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार।
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जिम कार्बेट पार्क के दौरे से कंडी रोड की उम्मीद को पंख लग गए हैं। खराब मौसम के बावजूद प्रधानमंत्री कार्बेट में कालागढ़ तक गए। जहां से स्टीमर के माध्यम से कोर जोन ढेकाला तक गए। उनके साथ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी गढ़वाल-कुमाऊं के बीच सीधी सड़क के प्रबल पक्षधर रहे हैं। जिस तरह प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ हरक सिंह रावत गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाली कंडी रोड को जोड़ने के लिए जोर लगाए हुए हैं तथा उनके द्वारा भारतीय वन्य जीव संस्थान से सर्वे कराने के पश्चात भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री से नजदीकी रखने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से लगातर पैरवी की जा रही है तथा प्रधानमंत्री के अचानक कालागढ़ उतरने से उत्तराखण्डवासियों की दशकों पुरानी मांग की उम्मीदों को पंख लग गए हैं। यहां यह बताना भी जरूरी है कि इस मार्ग के बनने से देहरादून से रामनगर- हल्द्वानी की दूरी लगभग 85 किमी कम हो रही है। आसन्न लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस सड़क के बनने से कुमाऊं के नैनीताल तथा गढ़वाल की पौड़ी , हरिद्वार और टिहरी सीट पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। प्रधानमंत्री भले ही रुद्रपुर रैली में यह घोषणा ना कर पाएं। किंतु इसी माह होने वाली वन्य जीव बोर्ड की बैठक में इस सड़क का प्रस्ताव आने वाला है। प्रधानमंत्री का कार्बेट दौरा इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री की रुचि से यदि इस मार्ग के निर्माण का रास्ता साफ होता है तो यह वन मंत्री डॉ हरक सिंह रावत की बड़ी उपलब्धि में गिना जाएगा ।
कंडी रोड़ के आधुनिक शेरशाह सूरी डाॅ हरक सिंह रावत
लालढांग-चिलरखाल के बीच इस ग्यारह किलोमीटर सड़क बनने मात्र से ही कोटद्वार की दूरी लगभग 14 किलोमीटर कम हो जाएगी और वाहनों को यूपी में अतिरिक्त टैक्स नहीं देना पड़ेगा। सबसे अधिक लाभ सिगड्डी स्थित औद्योगिक ग्रोथ सेंटर को होगा क्योंकि इससे दोनों के बीच की दूरी 34 किलोमीटर कम हो जायेगी।
लालढांग चिलरखाल मार्ग 6 माह में हॉटमिक्स
बहुप्रतीक्षित लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग के डामरीकरण को लेकर वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा इस मार्ग में डामरीकरण पूरा होने के बाद भाबर के लोगों की जहां राज्य के भीतर से हरिद्वार और देहरादून के लिए आवाजाही शुरू हो जाएगी। वहीं उद्योगों को भी पंख लगेंगे। उन्होंने कहा पिछले 60 सालों से लोग इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे थे, जो अब जाकर उनके कार्यकाल में पूरी हो सकी है। रविवार को चिलरखाल में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि 11 किमी लंबे इस मार्ग का लालढांग की ओर से तीन किमी मार्ग की वन भूमि लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने के बाद तीन पुलों का निर्माण शुरू कर दिया गया है। कहा कि छह माह के भीतर पूरी सड़क को हाटमिक्स से बनाने का टारेगेट फिक्स किया है और इस बरसात से पहले लालढांग मार्ग के तीनों पुल भी बन जायेंगे, जिससे बरसात में भी सड़क पर यातायात सुचारू रहेगा। डा. रावत ने कहा कि इस मार्ग के निर्माण के बाद अब यहां के उद्योग भी फलीभूत होंगे।
वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि जो काम अविभाजित उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य गठन के 18 साल में नहीं हो सका, वह काम उन्होंने सरकार बनने के डेढ़ साल के भीतर कर दिखाया। उन्होंने गढ़वाल सांसद बीसी खंडूरी का आभार जताते हुए कहा कि खंडूरी जी ने ही उन्हें कोटद्वार से विधायक का चुनाव लड़ने का निर्देश दिया था। जनता ने उन्हें विधानसभा भी भेज दिया लेकिन अब जिम्मेदारी बहुत बड़ी थी। हर वक्त लालढांग-चिलरखाल मार्ग की पीड़ा सताती थी कि कैसे इसको पक्का किया जायेगा। जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी थी अब वह सिद्धबली बाबा के आर्शीवाद से पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि चिलरखाल-लालढांग मोटर मार्ग कोटद्वार भाबर की लाइफ लाइन है। इसके पक्का होते ही कोटद्वार से हरिद्वार की दूरी 14 किलोमीटर घट जायेगी।
कंडी रोड बनने से सिर्फ 88 किलोमीटर रह जाएगा रामनगर
कंडी रोड बन जाने से गढ़वाल से कुमाऊं के बीच यात्रा में लगने वाले समय में 3 घंटे की कमी आएगी। और लगभग 88 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। जबकि अभी कोटद्वार से रामनगर की दूरी 172 किमी है। गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र को जोड़ने वाले कंडी मार्ग की कुल दूरी 90 किलोमीटर है। इसमें से लगभग 50 किलोमीटर मार्ग कार्बेट टाइगर रिजर्व से होकर जाता है। इसे लेकर सरकार को अभी हरी झंडी नहीं मिली है। गढ़वाल और कुमांऊ मंडल को जोड़ने के लिए प्रस्तावित कंडी मार्ग निर्माण के लिए सरकार ने 2 हजार करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। मार्ग निर्माण को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसमें अभी और ज्यादा समय लगने की संभावना है।
अभी ये है रास्ता
कंडी मार्ग का निर्माण न होने से फिलहाल कोटद्वार से रामनगर जाने के लिए प्रदेश के लोगों को उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, अफजलगढ़, काशीपुर होकर जाना पड़ता है। इस मार्ग की दूरी 172 किमी है।
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