उत्तराखंडखबर इंडिया

पिटारे से निकला लोकलुभावन बजट, पढ़ते हुए बेहोश हुए प्रकाश पंत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एजेंडे पर रहा त्रिवेन्द्र सरकार का फोकस

पिटारे से निकला लोकलुभावन बजट, पढ़ते हुए बेहोश हुए प्रकाश पंत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एजेंडे पर रहा त्रिवेन्द्र सरकार का फोकस

देहरादून। त्रिवेन्द्र सरकार के पिटारे से आज लोकलुभावन बजट निकला। बजट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एजेंडे पर खास फोकस रहा। विपक्ष की गैरमौजूदगी में वित्तमंत्री प्रकाश पंत ने वित्तीय वर्ष 2019-20 का 48663.90 करोड़ का बजट पेश किया। जिसमें खेती व किसानी के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने की घोषणा की। यहां 22.79 करोड़ राजस्व सरप्लस का बजट है। कर मुक्त बजट में 9798.15 करोड़ का राजकोषीय घाटा का अनुमान है। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने भगवान राम की स्तुति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे के साथ बजट पर फोकस किया। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सुशासन पर जोर दिया गया है। साथ ही बजट में अन्न दाता के कल्याण का भरोसा दिलाया गया है।  इस दौरान बताया गया कि सरकार को राजस्व में घाटा नहीं हुआ है। बजट में खेती व किसानी के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने की घोषणा की।   वहीं, इस दौरान वित्त मंत्री प्रकाश पंत की तबीयत खराब हो गई और वो भाषण पढ़ते हुए बेहोश हो गए। सभी उठ कर उनके पास पहुंचे और उन्हें सदन से बाहर ले जाया गया। जिसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बजट पढ़ा। त्रिवेंद्र सरकार का पहला सरप्लस बजट है। जिसमें खर्च से ज्यादा सरकार की कमाई होगी। बजट के तहत 48679.43 करोड़ की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य है। जबकि सरकार का बजट 48663.90 करोड़ का है। त्रिवेन्द्र सरकार ने बजट में अवस्थापना सुविधाओं में सड़कों, पुलों के निर्माण कार्यों के साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों तक पेयजल व सिंचाई सुविधा पहुंचाने पर खासा जोर रहा। पर्यटन विकास को लेकर भी सरकार अहम प्रावधान लेकर आई है।

सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते हुए सदन में सबसे पहले निधन के निदेश पढ़ा गया। इसके बाद सदन की अन्य कार्यवाही हुई। सदन में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। विधायन कारण मेहरा ने मेजर चित्रेश बिष्ट और मेजर वीएस ढौंडियाल को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित करने की मांग। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शहिदों को श्रधांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद सदन 12 बजे तक के लिए स्‍थगित हो गया। 12 बजे के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई। इस दौरान विपक्ष नदारद रहा। सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी में तीन संसोधन विधयेक पेश हुए। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ। सदन 4 बजे तक स्थगित हुआ। अब 4 बजे बजट पेश हुआ।

  • समावेशी विकास को समर्पित है बजट-मुख्यमंत्री 

  • महिलाओं व किसानों पर खास तौर पर रखा गया है फोकस 

  • विधान सभा में प्रस्तुत किया गया 48664 करोड़ का अनुमानित बजट।

मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विधान सभा में प्रस्तुत राज्य के वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक को राज्य के विकास का आईना बताया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 के बजट में गांवों के विकास की प्रतिबद्धता झलकती है। वर्ष 2019-20 का यह बजट सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, घर और बिजली जैसी तमाम सुविधाओं को जन जन तक पहुंचाने के साथ ही उत्तराखंड को विकास की पटरी पर आगे ले जाने वाला साबित होगा। एक संतुलित समावेशी बजट पारित करने के लिए वित्तमंत्री जी को बधाई देता हूं। बजट में महिला सशक्तीकरण, सहकारिता विकास, किसानों के कल्याण व रोजगार को बढ़ावा देने के लिए तमाम उपाय किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य के वर्ष 2019-20 की अनुमानित कुल प्राप्तियां 48679.43 करोड़ के सापेक्ष कुल व्यय 48663.90 करोड़ अनुमानित है। राज्य के बेहतर वित्तीय प्रबन्धन का परिणाम है कि वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक में कोई राजस्व घाटा अनुमानित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखा गया है। बजट तैयार करने में आम जनता से सम्बाद स्थापित कर उनसे प्राप्त सुझावों को भी इसमें सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट को समावेशी बनाते हुए महिला सशक्तीकरण के लिए बजट में रू 1111 करोड़ का प्राविधान करते हुए महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के रू 5 लाख तक के ऋण की व्यवस्था की गई है।  ग्रोथ सेंटर विकास का आधार केन्द्र बन सकें इसके लिए ग्रोथ सेन्टर की स्थापना के लिए रू 7.5 करोड़ का प्राविधान  किया गया है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सबको बेहतर स्वास्थ्य सुविध उपलब्ध हो इसके लिए बजट में रू 2545.40 करोड़ तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए रू 440 करोड़ तथा अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेतु रू 150 करोड़ के साथ ही मानसिक चिकित्सा संस्थान की स्थापना हेतु रू 10 करोड़ का प्राविधान रखा गया है।  ग्रामीण विकास के दृढ़ संकल्प को पूरा करने के लिए बजट में रू 3141.34 करोड़ का प्राविधान  तथा ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क मार्ग से जोड़ने प्रधानमंत्री सड़क योजना(पी.एम.जी.एस.वाई.) के लिए रू 900 करोड़ का प्राविधान के साथ ही सबको शिक्षा, बेहतर शिक्षा के लिए रू 1073 करोड़ तथा लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए रू 5 करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को पर्यटन प्रदेश बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ’पिछले बजट की तुलना में इस बार 12 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए वीरचंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में रू 15 करोड़, होमस्टे योजना के लिए रू 11.5 करोड़ का प्राविधान किया गया है। सबको मिले स्वच्छ पेयजल योजना के लिए  रू 947.44 करोड़ का प्राविधान के साथ ही सौंग बांध निर्माण के लिए रू 170 करोड़, रुड़की-देवबंद रेलवे लाइन हेतु रू 100 करोड़,  सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के लिए रू 2025.6 करोड़ का प्राविधान किया गया है। इसके अतरिक्त राजकीय वृद्धाश्रम निर्माण के लिए रू 1 करोड़ के साथ ही कुपोषित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना की शुरुआत की जायेगी। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता विकास के क्षेत्र में पिछले बजट की तुलना में इस बार 104 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा  सहकारिता विकास के लिए रू 100 करोड़ के अतिरिक्त बजट की व्यवस्था रखी गई है। जबकि सैनिक कल्याण’ के तहत एनसीसी अकादमी की स्थापना के लिए रू 5 करोड़, शौर्य स्थल के निर्माण के लिए रू 5 करोड़ का प्राविधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछले बजट की तुलना में इस बार के बजट में सहकारिता विकास के क्षेत्र में  104 प्रतिशत, हाउसिंग में 45 प्रतिशत, कृषि में 19.37 प्रतिशत, पशुपालन 16 प्रतिशत तथा डेरी विकास में 38 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 

 

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close