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तीर्थनगरी में योगियों ने किए ऐसे आसन, देखकर खुश हो गया हर मन

30वां अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव, धरती का स्वर्ग उत्तराखंड

तीर्थनगरी में योगियों ने किए ऐसे आसन, देखकर खुश हो गया हर मन

30वां अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव, धरती का स्वर्ग उत्तराखंड

अरूण शर्मा वरिष्ठ पत्रकार
अरूण शर्मा वरिष्ठ पत्रकार
ऋषिकेश। गढ़वाल मण्डल विकास निगम और पर्यटन विकास परिषद के सयुंक्त तत्वाधान में योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में विश्व के 70 देशों से करीब 1100 से अधिक योग जिज्ञासुओं, योगाचार्यों, योग प्रशिक्षु हिस्सा ले रहे हैं। आज चतुर्थ दिवस आयोजन समिति की और से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ सहित पर्यावरण ओर प्रकृति को सुरक्षित रखने की योग साधको को जिम्मेदारी सौंपी गई। निरोग जीवन पाने के लिये योग और स्वस्थ जीवन जीने के लिए स्वस्थ्य पर्यावरण ,निर्मल गंगा का संकल्प भी आवश्यक है तभी सत्य मायने में योग धरा पर उकेरित किया जा सकता है जंहा शान्ति, अमन-चैन, निरोगी काया का प्रादुर्भाव भारत की सनातन धर्म पताका को विश्व पटल पर अंकित कर सकता है। परमार्थ निकेतन में शुक्रवार को 30वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ हो गया। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, वन व आयुष मंत्री हरक सिंह रावत, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदांनद सरस्वती, जीवा की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती सरस्वती, अमेरिका से आए राधानाथ स्वामी, जर्मनी व कोलंबिया से पहुंचे स्वामी परमाद्वैति ने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदांनद ने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव को देश के वीर सैनिकों को समर्पित करते हुए उनके जज्बे को नमन किया।
धरती का स्वर्ग उत्तराखंड
आज के कार्यक्रम पर आध्यात्मिक गुरु स्वामी मोजी बाबा ने अपने सैकड़ो विदेशी साधको के साथ इस भव्य आयोजन में हिस्सा लेकर भारत की संस्कृति, अध्यात्म और योग की जानकारी योग साधको को दी। अध्यात्म, योग और देशभक्ति का समागम सहित बेटियों का सम्मान और पर्यावरण सुधार का व्यापक सन्देश योग साधको को दिया गया। आज अपने सैकड़ो विदेशी शिष्यो के साथ गंगा रिसोर्ट में अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव पर अपने डिवाइन सम्बोधन में उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पूर्व से ही अध्यात्मक गढ़ रहा है इसके साथ ही योग और साहसिक पर्यटन की राजधानी का गौरव इस क्षेत्र को प्राप्त हुआ है। हिन्दूओ की आस्था का मूल स्रोत गंगा का उद्गम स्थल भी यही है सत्य मायने में माँ के दर्शन करने है तो देवभूमि अवश्य आइये। पर्यटन की अपार संभावनाएं यहाँ मौजूद है किन्तु वाबजूद इसके यहाँ की संस्कृति, खानपान, वेशभूषा, सादगी ,सरलता, सहजता के ही हर किसी को संसाधन के अभाव के बाद ही बार बार आने का निमंत्रण देती है। धरती का स्वर्ग भारत देश का छोटा भाग देवभूमि उत्तराखंड बन गया है। अपने सम्बोधन में उनके द्वारा जिज्ञासा रखने वाले योग साधको से प्रश्न लेकर उनका उत्तर भी दिया गया। उन्होंने इस अवसर पर आयोजन समिति को अपनी शुभकामनाये ओर बधाई देकर इसके निरन्तर बढ़ते प्रभाव की मंशा जाहिर की।
अनुरागी बैंड ने अपनी कला से मोह लिया सबक दिल
देर रात्रि हुये सांस्कृतिक कार्यक्रम में एक गजब सयोंग तब बना जब एयरफोर्स का नेशनल एंथम सॉन्ग बनाने वाले अनुरागी बैंड ने अपनी कला से सबक दिल मोह लिया। जब उन्होंने बताया कि एयरफोर्स के लिए उन्होंने ही राष्ट्रीय गीत बनाया है तो पूरा पाण्डाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।इस अवसर पर योग साधको ने भारत माता जी जय, वन्दे मातरम के गगनभेदी नारे लगाये। योग, प्राणायाम, अध्यात्म और देशभक्ति का अनूठा संगम इस योग महोत्सव की पहचान बन गया है।आज संचलित योग महोत्सव मे जयदेवन ने योगा थैरेपी,जीवानंद ने हठ योगा, डाक्टर पालक्कल एन. पी ने सिध्ह कस्मिक मेडिशियन, सी.एम भण्डारी ने योगा एंड डैली लाईफ, आशीष रावत ने हठ योगा, गोकुल चन्द्राजी ने अष्टाङ्ग योगा, नितिन वीरखरे ने मुद्रा विज्ञान, डॉक्टर संजीव पाण्डेय ने प्राणायाम, स्वामी बोधि वर्तमान ने जिब्रिस मेडिशन, डाक्टर टीम जॉन्स ने योग सूत्र ओर भगवतगीता पर अपना ज्ञान योग साधको को दिया।विदेशी योग गुरु उषा माता ने आएंगर योग का ज्ञान योग साधको को दिया जिसमें योग साधको द्वारा भारी उत्साह देखने को मिला।
गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज होगा नाम
योग गुरु अमृत देसाई ने योग निंद्रा, योगिविस्वकेतु ने अखण्ड योगध्प्राणायाम, राजीव तिवाड़ी ने योगिक मेडिशियशन, योगिविश्वपालजयन्ति ने योग एंड न्यूरोपैथी, सिदार्थजी ने फंडामेंटल आइडियाज ऑफ योगा इन द उपनिषद, विवेक पंवार ने स्वर तंत्र, अरुण पेरुमाल ने हठ योग, योगी रजनीश ने ट्रेडिशनलयोग, डॉक्टर लक्ष्मी नारायण जोशी ने नाड़ी विज्ञान, आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा सूक्ष्म योग ,स्ट्रोबल्स आशुतोष ने मैकेनिज्म ऑफ वर्ल्ड पीस वाई योगा, अनंयानिचोले ने योगासना, सी एम भण्डारी ने सीक्रेट्स ऑफ योग,प्रशांत जख्मोला ने अष्टाङ्ग विन्यास की शिक्षा से योग साधको को परिचित कराया गया। आज लगभग आयोजन समिति की और से 28 योग कक्षाओं के आयोजन किया गया। इस अवसर पर गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड हेतु योग साधको को योग की बारीकियों से अवगत कराते हुए उन्हें प्रेरित कर प्रतिभाग करने को कहा गया है। आयोजन समिति का विश्वाश है कि इस आयोजन से बेहत्तर परिणाम नजर आएंगे । हम गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में अवश्य अपने योग साधको को सम्मलित कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
बुराई को अच्छाई में किया जा सकता है तब्दील
देवम्बर आरोग्य धाम आश्रम के पूर्व राजदूत ओर अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त योग गुरु चन्द्र मोहन भण्डारी ने योग महोत्सव में योग साधको को अवगत कराया कि वेदों का ज्ञान भारतीय संस्कृति की धरोहर है।योग और आर्युवेद विधाये इसी अपार वेदांत ज्ञान से चयनित की हुयी मानव-मात्र के नित्यप्रति उपयोग में आने वाली व्यवहारिक विद्याओ का संकलन है।शारीरिक व्यायाम से ज्यादा मानसिक और अध्यात्मिक उन्नति का मार्ग ही योग है जटिल से जटिल रोगों, तनाव को पूर्ण खत्म करने का सामर्थ्य योग और प्रणायाम में है। उन्होंने कहा कि शरीर ओर इन्दियों में वश कर उन्हें साध लेना ही सच्चे योग साधक का मार्ग होना चाहिये। ओशोध्यान साधना के मर्मज्ञ स्वामी बोधि वर्तमान ने कहा कि योग का कार्य सिर्फ जोड़ना है किंतु इसके लिए संकल्प शक्ति योग साधक के पास होनी चाहिये। अपने त्याग और तपस्या से हर बुराई को अच्छाई में तब्दील किया जा सकता है । आज के दौर में शरीर बुराइयों का घर बन चुका है इसे बिना ईलाज ओर दवा के कुछ मिनट योग, प्राणायाम कर निजात पाई जा सकती है। ध्यान, भक्ति, श्रवण, वंदन,भजन कीर्तन आदि भी योग की क्रियाएं है । आप एक बार प्रयास कीजिये फिर देखिए आपके अंदर जो चमत्कार आप को मिलेंगे वो इसकी जीतती जागती तस्वीर होगी। जिस पर आप स्वयं विश्वास कर अन्य लोगो को भी सन्देश दे सकते है। कार्यक्रम के अंत में योग साधकों ने पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों की याद में मौन रखकर नमन और प्रार्थना की गई।
आज कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिये महाप्रबन्धक पर्यटन बी.एल राणा, राजेन्द्र ढोंडियाल, कैलाश कोठारी, सतपाल बिष्ट, भगवान सिंह रावत, सुरेश पंवार, मनमोहन सिंह,आशीष उनियाल, सफाई कर्मी राकेश, हर्षमणी रतूड़ी, जितेंद्र सजवाण सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारीगण ओर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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One Comment

  1. अति उत्तम ,ऐसा कभी सोचा भी नही था,मन प्रभुल्लीत हो गया।

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