उत्तराखंडखबर इंडिया

खुलासा :- फर्जी खबरें फैलाने में सबसे आगे अंकल जी

फर्जी खबरों को लेकर बड़ा खुलास, इस रिपोर्ट ने खोली पोल

खुलासा :- फर्जी खबरें फैलाने में सबसे आगे अंकल जी

फर्जी खबरों को लेकर बड़ा खुलास, इस रिपोर्ट ने खोली पोल

सोशल मीडिया। सोशल मीडिया में आज जिस खबर की सबसे ज्यादा चर्चा है वह फेक न्यूज से जुड़ी हुई है। अक्सर कहा जाता है कि सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा यंग जेनेरेशन सक्रिय होती है लेकिन इस रिपोर्ट ने कुछ चैकांने वाला खुलासा किया है। अगर कोई आप से यह कहे कि सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी खबरों को सर्कुलेट करने में नौजवानों से ज्यादा बुजर्गों की तादाद है तो आपको यकीन नहीं होगा, पर ऐसा हुआ है एक अमेरिकी स्टडी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि यह प्रवृत्ति 65 साल से अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा आम थी. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर जोशुआ टकर ने कहा कि 65 साल से अधिक उम्र के लोग फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर युवाओं की तुलना में अधिक ‘फर्जी खबरें’ साझा करते हैं। जर्नल ‘साइंस एडवांसेज’ में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि नौ फीसदी से कम अमेरिकियों ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान फेसबुक पर ‘फर्जी खबरों’ के लिंक साझा किए।
हालांकि, न्यूयार्क यूनिवर्सिटी और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि यह रवैया 65 साल से अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा आम था। न्यूयार्क यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर जोशुआ टकर ने कहा, ‘फर्जी खबरों की घटना में व्यापक दिलचस्पी के बावजूद, कौन ऐसी खबरों को साझा करता है उसके बारे में हम बहुत कम जानते हैं।’ सर्वेक्षण कंपनी यूजीओवी द्वारा कराए गए रिसर्च में पाया गया कि सिर्फ 8.5 फीसदी लोगों ने फेसबुक के माध्यम से फर्जी समाचार साइटों से लिंक को साझा किया। इसमें पाया गया कि 18-29 आयु वर्ग के सिर्फ तीन फीसदी लोगों ने फर्जी समाचार साइटों से लिंक को साझा किया जबकि 65 से अधिक आयु वर्ग में यह आंकड़ा 11 फीसदी था।
Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close