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उत्तराखंड :- शिक्षकों के लिए अच्छी खबर, पढ़कर खुशी से खिल जाएंगे चेहरे

 उत्तराखंड के इतने हजार शिक्षकों को होगा फायदा

उत्तराखंड :- शिक्षकों के लिए अच्छी खबर, पढ़कर खुशी से खिल जाएंगे चेहरे

 उत्तराखंड के इतने हजार शिक्षकों को होगा फायदा

देहरादून। आज की खबर शिक्षकों के ट्रांसफर से जुड़ी हुई है। जिसका इंतजार उत्तराखंड के शिक्षकों को लंम्बे समय से था। कहीं कोई पेंच नहीं फंसा तो लंबे समय से दुर्गम क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों के इस बार सुगम में अनिवार्य तबादलों की तैयारी में विभाग जुटा हुआ है। प्रदेश भर के लगभग 60 हजार से अधिक शिक्षक ट्रांसफर ने होने से असमंजस की स्थिति में हैं। उत्तराखंड के दुर्गम और अतिदुर्गम स्कूलों मे पिछलें 10 से 15 सालों से कार्यरत टीचर तबादला एक्ट बनने के बाद सुगम और अति सुगम स्कूलों में आने की आस लगाए थे। लेकिन उन आस अभी तक परवान नहीं चढ़ पाई। जून 2018 से पहले अनिवार्य और अनुरोध के आधार पर टीचरों के तबादले होने थे, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से तय समय पर तबादले न कर इसके लिए निर्धारित समय सारणी को पहले कुछ समय के लिए बढ़ाया गया। तबादला एक्ट बनने के बाद जहां अन्य विभागों में कर्मचारियों, अधिकारियों के तबादले तो हुए लेकिन शिक्षा विभाग में एक्ट बनने के बावजूद तबादले नहीं किए जा सके। इतना जरूर है कि शिक्षा विभाग ने बेसिक में कुछ जनपदों में अनिवार्य तबादले किए, लेकिन अनुरोध के आधार पर तबादले नहीं किए जा सके। जबकि माध्यमिक शिक्षा में तो न अनिवार्य न ही अनुरोध के आधार पर तबादले हुए।

शिक्षकों में बनी हुई है असमंजस की स्थिति
शिक्षकों में तबादलों को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। कुछ शिक्षकों का कहना है कि कुछ मंत्रियों और अधिकारियों के लोग अनिवार्य तबादलों की जद में आ रहे हैं। यही वजह है कि विभाग में एक्ट को लागू नहीं किया गया। जबकि शिक्षा विभाग में तबादलों के लिए ही इस एक्ट को बनाया गया। प्रदेश अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ कमल किशोर डिमरी का कहना है कि खंडूडी सरकार के बाद त्रिवेंद्र सरकार में एक्ट बना, लेकिन दोनों ही बार इस पर अमल नहीं हो पाया। सरकार की ओर से तबादला सत्र शून्य भी घोषित नहीं किया गया। जिससे टीचरों में असमंजस की स्थिति बनी है।

अगले शिक्षा सत्र में होगें शिक्षकों के तबादले
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक टीचरों के तबादले अब अगले शिक्षा सत्र में होंगे। अब अगले शिक्षा सत्र में ही टीचरों के तबादले होंगे, स्कूलों के दुर्गम, सुगम के निर्धारण को लेकर कुछ कोर्ट केस हो गए थे। अब बोर्ड परीक्षाएं सिर पर है, ऐसे में इस सत्र में तबादले संभव नहीं हैं। हमने कुछ बीमार टीचरों के प्रकरण शासन में भेजे हैं, लेकिन ये तबादले भी नहीं हुए।

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