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उत्तराखंड में धारा 370 पर गर्माई सियासत, यूकेडी को मिला कांग्रेस का साथ

मोदी सरकार के वादे पर राजनीतिक दल खड़े कर रहे हैं सवाल

उत्तराखंड में धारा 370 पर गर्माई सियासत, यूकेडी को मिला कांग्रेस का साथ

मोदी सरकार के वादे पर राजनीतिक दल खड़े कर रहे हैं सवाल

देहरादून। उत्तराखंड में धारा 370 पर सियासत गर्माने लगी है। मोदी सरकार के वादे पर राजनीतिक दल सवाल खड़े कर रहे हैं। मुद्दों को लेकर हमेशा एक-दूसरे के सामने खड़ी रहने वाली यूकेडी और कांग्रेस साथ-साथ दिखाई दे रही हैं। उत्तराखंड क्रांति दल के संरक्षक त्रिवेंद्र पंवार ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार अगर वास्तव में देश की हितेषी है तो जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाने का काम करें। उन्होंने कहा कि भाजपा इसी वादे के साथ सत्ता में आई थी। अब वक्त है कि सरकार अपना वादा निभाए। उत्तराखंड क्रांति दल ने केंद्र सरकार से कश्मीर में शांति के लिए धारा 370 को हटाकर स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर से पलायन कर चुके कश्मीरी पंडितों को वापस घाटी में बसाये। यही नहीं राज्यों देश के सभी राज्यों से एक करोड़ से अधिक लोगों को घाटी में बसाने की जरूरत है। इससे कश्मीर में शांति भी स्थापित होगी और घाटी का वैभव भी लौटेगा।
वहीं काग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्र्रदीप भट्ट भी यूकेडी के संरक्षक त्रिवेन्द्र पंवार की बातों से सहमत नजर आये। प्रदीप भट्ट ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय भाजपा ने जनता से वादे तो बड़े-बड़े कर दिये लेकिन जब उन्हें निभाने का वक्त आया तो भाजपा को वह वादे याद ही नहीं रहे। प्रदीप भट्ट ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि कश्मीर से धारा 370 हटाई जाये। उन्होंने कहा कि बिना धारा 370 हटाये बिना कश्मीर के विकास की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। भाजपा को लोकसभा चुनाव 2014 में जनता से किया अपना वादा निभाना चाहिए। ऐसा करने से इन आंतकी हमलों पर भी लगाम लगेगी और कश्मीर में अमन चैन लौटने लगेगा।
त्रिवेंद्र पंवार ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने उत्तराखंड के संसाधनों पर मौज करने का काम किया है। राज्य के विकास से इन दोनों दलों का कोई लेना देना नहीं रहा, आज पहाड़ खाली हो गए हैं सरकारी स्कूलों में ताले पड़ गए हैं एनआईटी जैसा संस्थान बंदी के कगार पर है। इसके अलावा भी कई बड़े शिक्षण संस्थानों की हालात अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में बड़ी संख्या में असामाजिक लोग पनाह ले चुके हैं, यही वजह है कि इन मैदानी क्षेत्रों में आज भारत विरोधी नारे लग रहे हैं। उन्होंने राज्य में सत्यापन अभियान चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलवामा आतंकी हमला एक निंदनीय कृत्य है।
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