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उत्तराखंड में कांग्रेसियों ने भी माना सांसद हो तो बलूनी जैसा

अनिल बलूनी ने कैसे किया कांग्रेसियों का हृदय परिवर्तन?

उत्तराखंड में कांग्रेसियों ने भी माना सांसद हो तो अनिल बलूनी जैसा

अनिल बलूनी ने कैसे किया कांग्रेसियों का हृदय परिवर्तन?

कोटद्वार। जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जिसकी जुबान नहीं उसका काम बोले। जिस जनप्रतिनिधि का काम बोलता है वह अपने कार्यों की बदौलत आम जनता के बीच खुदबखुद लोकप्रिय हो जाता है। ऐसे ही एक जनप्रतिनिधि है उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी। जिनकी कार्यक्षमता के आम जनता के साथ ही जनप्रतिनिधि भी कायल हैं। एक के बाद एक कई जनहित के कार्यों से वह उत्तराखंड के आम जनमानस के बीच खासा लोकप्रिय हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के काम अब कांग्रसियों को भी पंसद आने लगे हैं। कांग्रेस भी उनके कामों की सराहना करते हुए दिखाई दे रहे हैं। कोटद्वार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मीडिया से मुख्यातिब होते हुए प्रदेश के पांचो सांसदो से उनके द्वारा गोद लिये गये गांवो में किये गये विकास कार्यों को सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। उन्होने राज्यसभा संासद अनिल बलूनी द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अनिल बलूनी से अन्य सांसदो को प्रेरणा लेनी चाहिए। बद्रीनाथ मार्ग स्थिति कार्यालय में आयोजित बैठक में वरिष्ठ नेता जसवीर राणा ने कहा कि उत्तराखंड के पांचों सांसदो के गोद लिय हुए सभी गांवों की स्थिति की जनता को जानकारी मिले। कई सांसद तो सालों से क्षेत्र में आये भी नहीं है। जिससे जनता अपने को ठगा महसूश कर रही है। गोद लिये गांव बदहाल हो रहे हैं।

एक नजर लोकप्रिय सांसद अनिल बलूनी द्वारा किये गये कार्यों पर

निर्जन गांव बौर को लिया गोद
अनिल बलूनी ने उत्तराखंड राज्य के एक गैर-आबाद गाँव, निर्जन गाँव, ग्राम बौर (ब्लॉक दुगड्डा, जनपद पौड़ी गढ़वाल ) को उन्होंने गोद लेने का फैसला किया है। पहाड़ पुत्र अनिल ने कहा कि इस गाँव को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लिया गया है, इसके बाद अन्य ऐसे गैर-आबाद गाँव, जहां कोई भी आबादी नहीं रहती है, उनको भी इसी मॉडल पर आबाद करने के प्रयास किये जायेंगे। इस गाँव को पुनर्जीवित करने के लिए मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार से जोड़ा जाएगा ताकि गाँव पुनः पुनर्जीवित होकर अपने पूर्व के स्वरूप में आबाद हो सके।
एनआईटी छात्रों की समस्याओं का किया निदान
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने श्रीनगर गढ़वाल के एनआईटी छात्रों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के साथ भेंटकर उनसे छात्रों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया है। अनिल बलूनी ने छात्रों के भविष्य तथा उनकी न्यायोचित मांगों और सुरक्षा के विषय में चर्चा करके मांग की है कि तत्काल छात्रों को सुरक्षित परिसर उपलब्ध कराया जाए ताकि उनका पठन-पाठन निर्बाध रूप से हो सके क्योंकि छात्रों के साथ अभिभावक और एनआईटी संस्थान भी इस विषय को लेकर काफी चिंतित हैं। जिसके बाद इस पर निर्णय हुआ और छात्रों को जयपुर शिफट होने की छूट भी दे दी।

बलूनी ने मांगा उत्तराखण्ड के लिये सम्पूर्ण स्वास्थ्य कवच
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सांसद पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के संपूर्ण समाधान के लिए एक विस्तृत फार्मूला प्रस्तुत किया है। हाल ही में अपनी हल्द्वानी मैं संपन्न हुई पत्रकार वार्ता में बलूनी ने कहा था कि वह उत्तराखंड की स्वास्थ्य समस्याओं के बड़े समाधान के विषय में होमवर्क कर रहे हैं ताकि राज्य की जनता को प्रदेश में ही उपचार सुलभ हो सके और नागरिकों को उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। इस सम्बन्ध में उन्होने एक पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा साथ ही स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा से भी इस विषय में चर्चा की।

सेना ने शुरू किया आम जनता का ईलाज
उत्तराखंड के पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी का एक ओर बड़ा धमाका अब सेना करेगी आम जनंता का इलाज जी हा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने उत्तराखंड की जनता के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है। रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में उत्तराखंड के सामान्य नागरिकों को भी सेना के चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार देने हेतु अनुरोध किया, जिस पर रक्षा मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति दी है। आपको बता दे कि अनिल बलूनी के इस सफल प्रयास से पर्वतीय जनता को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में लाभ मिलेगा और ये मील का पत्थर साबित होगा। अर्धसैनिक बलों के चिकित्सकों द्वारा भी उपचार मिले इस सम्बन्ध में अनिल बलूनी ने केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से से भी मुलाकात कर यह बात रखी। जिसके बाद सेना के डाॅक्टरों ने स्थानीय लोगों का ईलाज शुरू कर दिया।
नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस का संचालन
उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी के अथक प्रयासों से नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस का संचालन शुरू हुआ।
उत्तराखंड में एनडीआरएफ यूनिट की स्थापना
अनिल बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड में निरंतर वर्षा, अतिवृष्टि, बादल फटने और भूस्खलन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव दिखाई दे रहे हैं। विगत कुछ वर्षों से अतिवृष्टि व बादल फटने की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। सांसद बलूनी ने कहा कि इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य में जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। बड़ी संख्या में भवनों, कृषि भूमि, मार्गों एवं मवेशियों का नुकसान हो रहा है। लोग जहां-तहां फंसे हुए हैं। अतिवृष्टि और बादल फटने के कारण विद्युत लाइनें, नहरें, गूल, पेयजल लाइनें, संचार लाइनें, संपर्क मार्ग ध्वस्त हैं। उत्तराखंड सरकार पूरी क्षमता से जनता को राहत पहुंचाने के कार्यों में पूरे मनोयोग से लगी हुई है किंतु राज्य सरकार की संसाधन क्षमता सीमित है। ऐसी परिस्थितियों में आपदा प्रभावी उत्तराखंड को राहत पैकेज पर विचार किया जाना चाहिए। उत्तराखंड भोगौलिक रूप से दुर्गम और प्राकृतिक रूप से संवेदनशील राज्य है। यहाँ कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती है। सांसद बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड में NDRF की स्थायी यूनिट की स्थापना आवश्यक है ताकि आपदा की घड़ी में संकट में फंसे नागरिकों को समय पर सहायता मिल सके।  अनिल बलूनी ने उत्तराखंड में अपनी सांसद निधि से तीन आईसीयू, ट्रामा सेंटर की घोषणा करने के पश्चात आज प्रदेश को काठगोदाम-देहरादून एसी चेयरकार की सौगात दी है, जो अगस्त माह में शुरू हो जाएगी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य हो घोषित
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सांसद पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखकर पर्वतीय उत्पाद मंडुवा, झंगोरा सहित भट्ट, गहथ व राजमा दाल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी ) तय करने का अनुरोध किया है।
उत्तराखंड के लिए सम्पूर्ण हैल्थ कवच
हल्द्वानी में एम्स के साथ श्रीनगर (गढ़वाल) और अल्मोड़ा में खुलेंगे मेडिकल पीजीआई बलूनी ने मांगा था उत्तराखण्ड के लिये सम्पूर्ण स्वास्थ्य कवच। अनिल बलूनी के प्रयासों से राज्य को एक और सौगात मिली है। आपको बता दे कि अब एसएसबी की तरह आइटीबीपी ने भी आम जनता को के लिए अपने अस्पतालों के द्वार खोल दिए हैं आइटीबीपी ने एक कदम और आगे बढ़कर आम जनता के प्रति अपनी संवेदना दिखाई है। इस मौके पर पहाड़ पुत्र सांसद बलूनी ने कहा जहां-जहां सीमाओं पर आइटीबीपी है, स्वाभाविक रूप से वे क्षेत्र दुर्गम और पिछड़े हैं। जहां अभी भी अपेक्षित उपचार सुविधाएं नहीं है। आईटीबीपी के आदेश में कहा गया है कि उनके अस्पतालों में स्थानीय नागरिकों को भी उपचार मिलेगा और उन्हें निशुल्क दवाएं भी दी जायेंगी। इसके आदेश सभी बटालियनों के प्रमुखों (इंचार्ज) को दे दिए गये हैं। साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया है कि वह स्थानीय जिला प्रशासन और स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों से समन्वय रखेंगे, ताकि नागरिकों के उपचार में दवाओं का संकट बाधा ना बने। बलूनी ने कहा कि आइटीबीपी ने यह भी स्पष्ट किया है जनता को जो दवाएं दी जायेंगी वह आइटीबीपी के “सिविक एक्शन फण्ड से दी जाएगी और उनका अलग रजिस्टर तैयार किया जायेगा। सांसद बलूनी ने कहा कि मोदी सरकार आम जनता के लिए संवेदनशील है निःसंदेह जनता यह अनुभव कर रही है। सीमांत जनता के लिए एसएसबी और आईटीबीपी के चिकित्सकों द्वारा उपचार मिलना सीमान्त जनता के लिये किसी सौगात से कम नहीं है।
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One Comment

  1. सच में यह तो बहुत ही उत्तम प्रयास है श्री अनिल बलूनी जी का,ऐसे प्रयासों के लिए श्री अनिल बलूनी जी को तहदिल से बहुत -बहुत धन्यवाद

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