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उत्तराखंड :- मरीज ने लगाई इस बड़े सरकारी अस्पताल की तीसरी मंजिल से छलांग

मरीज की हालत नाजुक, आईसीयू से निकलकर तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंचा मरीज ?

उत्तराखंड :- मरीज ने लगाई इस बड़े सरकारी अस्पताल की तीसरी मंजिल से छलांग

मरीज की हालत नाजुक, आईसीयू से निकलकर तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंचा मरीज ?

हल्द्वानी।  उत्तराखंड में सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी कितना सजग है इस बात का पता इस सरकारी अस्पताल से चलता हैं कि राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक इस अस्पताल की तीसरी मंजिल से मरीज ने छलांग लगा दी। वो भी उस मरीज ने जो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती था और जिसका तीन दिन पहले ही आॅपरेशन किया गया था। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक शांतिपुरी निवासी एक मरीज ने शुक्रवार को सुशीला तिवारी अस्पताल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी।

प्राचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश भैसोड़ा के मुताबिक गंभीर हालत में अस्पताल कर्मियों ने मरील को वार्ड में भर्ती कराया। मरीज नशे का आदी है। नशे में वह आईसीयू से निकलकर तीसरी मंजिल से कूदा है। डा. भैसोड़ा ने बताया कि 40 वर्षीय यह मरीज तीन दिन पहले एसटीएच में भर्ती हुआ था। उसका गॉल ब्लैडर का ऑपरेशन हो गया था। शुक्रवार शाम वह आईसीयू से निकलकर तीसरी मंजिल से कूद पड़ा। मरीज के कूदने पर सवाल उठता है कि आईसीयू में उसके पास नशीला पदार्थ कैसे पहुंचा। वार्ड में तैनात आधा दर्जन कर्मचारियों ने उसे बाहर क्यों निकलने दिया। डॉक्टर को पता था कि वह नशे का आदी है तो उस मरीज पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। यह कोई पहली घटना नहीं है अस्पतालों में पहले भी कई लापरबाही के मामले उजागर हुए हैं लेकिन हर बार कार्रवाही के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है। अब देखना होगा इस गंभीर मामले में क्या कुछ कार्यवाही की जाती है।

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One Comment

  1. भाई साहब सच में यह बहुत बड़ी लापरवाही है इस पर कार्यवाही जरूर होनी चाहिये।

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