उत्तराखंडखबर इंडिया

उत्तराखंड के इस आईएएस पति-पत्नी की पहल बन गई मिसाल

इस आला-अधिकारी ने भी आंगनबाड़ी में `कराया अपने बेटे का दाखिला

उत्तराखंड के आईएएस पति-पत्नी की पहल बन गई मिसाल

इस आला-अधिकारी ने भी आंगनबाड़ी में कराया अपने बेटे का दाखिला

उत्तराखंड का पहला वीआईपी आंगनबाड़ी केन्द्र

चमोली। कहते हैं कि अगर कोई अच्छी पहल शुरू की जाये तो उसे धीरे-धीरे उसके सार्थक परिणाम सामने आने लगते हैं। कुछ ऐसी ही पहल की उत्तराखंड के आईएएस दंपत्ति ने जिसका अनुसरण अब उनके मातहत कर्मचारी भी कर रहे हैं। आज बात राज्य के ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र की जो लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। जी हां चमोली के गोपेश्वर गांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र वीआईपी आंगनबाड़ी बनती जा रही है। उत्तराखंड में चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया और आईएएस नितिन भदौरिया ने अपने दो साल के बेटे अभ्युदय भदौरिया का दाखिला प्ले स्कूल के बजाय आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर अनोखी पहल की थी। बच्चे को अब नियमित रूप से केंद्र में भेजा जा रहा है।

मुख्य उद्यान अधिकारी ने भी आंगनबाड़ी केन्द्र में कराया अपने बेटे का दाखिला
चमोली डीएम स्वाति एस भदौरिया ने आंगनबाड़ी केंद्र में अपने बच्चे को पढ़ाने की पहल की तो इसका सकारात्मक संदेश गया। डीएम के बाद अब जिले के मुख्य उद्यान अधिकारी ने अपने बेटे का दाखिला आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है। 18 नवंबर को जिला उद्यान अधिकारी नरेश यादव और उनकी पत्नी श्वेता ने दो वर्षीय बेटे अनंत यादव का दाखिला आंगनबाड़ी केंद्र में करवाया। नरेश यादव का कहना है कि डीएम ने अपने बेटे का दाखिला आंगनबाड़ी में करवा कर सबको प्रेरणा दी है। हमने भी उन्हीं से प्रेरणा ली और बेटे का दाखिला यहां करवाया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय और आंगनबाड़ी में किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को संस्कारों की शिक्षा भी मिलती है। वहीं जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजना है। इसका सभी को फायदा लेना चाहिए।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close