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उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने को लेकर इस केन्द्रीय नेता का बड़ा बयान

उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में निकाले जाने लगे हैं बयान के मायने

उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने को लेकर इस केन्द्रीय नेता का बड़ा बयान

उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में निकाले जाने लगे हैं बयान के मायने

उत्तरकाशी । लोकसभा चुनाव 2019 की सियासी दंगल जारी है। इस दंगल में नेताओं की तरह-तरह की बयान बाजी भी सामने आ रही है। कुछ नेता चुनाव प्रचार में रात दिन एक किये हुए हैं तो कुछ चुनाव प्रचार से दूर आध्यातित्मक शांति और ध्यान-योग में समय व्यतीत कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री उमा भारती पिछले पांच दिनों से सीमांत जनपद उत्तरकाशी में गंगोत्री के निकट हर्षिल घाटी में ध्यान-योग कर रहीं थीं। पूरे समय उन्होंने मीडिया से आमजन से दूरी बनाए रखी। रविवार को वह विश्वनाथ मंदिर में दर्शनों के लिए पहुंची तो खबर पाकर मीडिया भी वहां आ पहुंचा। मीडिया के लोग उनसे कोई सवाल करते, उससे पहले केंद्रीय मंत्री ने ही उनकी तरफ सवाल उछाल दिया, पूछा- यहां पत्रकारों को किसने बुलाया। अगले ही पल, वह सामान्य होकर मीडिया से बात करने को राजी हो गई।

मोदी जी प्रधान मंत्री बनें, अब यह इच्छा और प्रबल
उमा भारती से जब पत्रकारों ने सवाल किया कि मध्य प्रदेश में सियासत गरमाई हुई है और वे वहां की बजाय उत्तराखंड में आई हुई हैं, इसकी कोई खास वजह है क्या, इसका केंद्रीय मंत्री ने बेहद भावनात्मक अंदाज में जवाब दिया। बोलीं, उत्तराखंड से उनका रिश्ता ठीक उसी तरह का है जैसे बेटी का अपने मां-बाप के और बहन का भाई के प्रति होता है। बस, यही प्रेम उन्हें यहां खींच लाता है। लोकसभा चुनावों के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव का मिजाज तो मुझे पता नहीं चलता, लेकिन उनकी इच्छा है कि मोदी जी प्रधान मंत्री बनें, अब यह इच्छा और प्रबल हो गई है।

चुनाव लड़कर मंत्री बनती और यहीं की मुख्यमंत्री बनतीं

केंद्रीय मंत्री उमा भारती बोलीं, अगर उनका वश चलता तो, उत्तराखंड में ही पैदा होती, यही से चुनाव लड़कर मंत्री बनती और यहीं की मुख्यमंत्री बनतीं। लोकसभा के सियासी दंगल में चुनाव प्रचाार के बजाय उत्तराखंड प्रवास करने के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने यह चुटकी ली। आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री इससे पहले भी उत्तराखंड के प्रति अपने लगाव बयां कर चुकी हैं, लेकिन यहां से चुनाव लड़ने और मंत्री-मुख्यमंत्री बनने की इच्छा उन्होंने पहली बार सार्वजनिक तौर पर जाहिर की। हालांकि उन्होंने ये बात चुटकी लेते हुए कही, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके मायने भी निकाले जाने लगे हैं।

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि उत्तराखंड के लोग स्वाभाविक रूप से स्वच्छता प्रेमी हैं। उत्तराखंड ओडीएफ की श्रेणी में आने वाला पहला राज्य था, इसमें सबसे बड़ा योगदान यहां के लोगों का था। कहा कि, सरकार के प्रयासों की एक सीमा होती हैं, लेकिन लोगों की भी कुछ जिम्मेदारियों हैं। सरकार कूड़ेदान की व्यवस्था तो कर सकती है, पर घरों का कूड़ा इनमें डालना लोगों की जिम्मेदारी है।

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