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उत्तराखंड:- अब तक की सबसे बड़ी बोली…….‘0001’ नंबर हुआ इतने लाख में हुआ नीलाम

किसको मिला यह लकी नम्बर? 007 और 009 नंबर की कितने में हुई नीलामी?

उत्तराखंड:- अब तक की सबसे बड़ी बोली…….‘0001’ नंबर हुआ इतने लाख में हुआ नीलाम

किसको मिला यह लकी नम्बर? 007 और 009 नंबर की कितने में हुई नीलामी?

जानिये हमारी इस खास रिपोर्ट में

 

 इन नंबरों की है ज्यादा डिमांड-
परिवहन विभाग के मुताबिक ‘0001’ नंबर को लकी माना जाता है।
 ‘0001’ नंबर को हासिल करना मुश्किल ।
 ‘0009’ और ‘0007’ नंबरों की सबसे ज्यादा मांग रहती है।

देहरादून।  जब भी कोई नई कार या बाइक खरीदता है तो रैंडमली कोई भी नंबर मिल जाता है। लेकिन अकसर आपने कुछ खास नंबर्स यानी VIP नंबर्स वाले वाहनों को देखा होगा, हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपनी गाड़ी के लिए अपने हिसाब से (लकी नंबर) और VIP नंबर की चाहत रखते हैं। लेकिन यह इतना आसान भी नहीं होता।  किसी भी गाड़ी के साथ RTO की तरफ से रैंडमली नंबर मिलता है जोकि कुछ भी हो सकता है लेकिन अगर किसी को अपना मनपसंद नंबर चाहिये तो नंबर के हिसाब से पैसे देने होते हैं।देहरादून परिवहन विभाग की अनोखे नंबरों की ऑनलाइन बोली में 0001 नंबर ने इस बार सभी रेकॉर्ड तोड़ते हुए सर्वाधिक कमाई की है। देहरादून आफिस में यह नंबर 4 लाख 62 हजार लाख रुपये में बिका। इस मर्तबा यह नंबर दून के एक प्रापर्टी डीलर ने अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी के लिए खरीदा है। वीआईपी नंबर की नीलामी से सरकारी खजाने को काफी लाभ हुआ है। लोगों के बीच अपनी गाड़ी के लिए वीआईपी नंबर की काफी मांग होती है। विभाग वीआईपी नंबर के लिए ऑनलाइन नीलामी करवाता है।
देहरादून में ऐसा पहली बार हुआ, जब 0001 ने चार लाख का आंकड़ा पार किया हो। वहीं, 0009 नंबर बोली में दूसरे नंबर पर रहा और 51 हजार रुपये में बिका। इस बार यूके07-डीके सीरीज की बोली लगाई गई। बोली में 0007 नंबर 28 हजार रुपये, जबकि 9000 नंबर 19 हजार रुपये में बिका। इसी तरह 0004 नंबर 14 हजार रुपये में बिका। बोली में 1111, 0003, 5555 और डीजे सीरीज में 9000 नंबर 11-11 हजार रुपये में बिके। शेष नंबर अपनी मूल रकम यानी 10-10 हजार रुपये में बिके।

एआरटीओ पांडे ने बताया कि जिन ग्राहकों की बोली लगी है, वह बोली की रकम आरटीओ कार्यालय में आकर जमा करा दें। इसके बाद ही उन्हें यह नंबर अलॉट होगा। अगर तय समय में रकम जमा नहीं कराई गई तो बोली निरस्त कर जमानत के लिए जमा रकम जब्त कर ली जाएगी।

अगर आप अपने वाहन के लिए वीआईपी नंबर लेना चाहते हैं तो संभागीय परिवहन विभाग देहरादून की नीलामी में हिस्सा लें। किसी भी मनपसंद नंबर को लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। परिवहन विभाग की ओर से वीआईपी नंबरों की ऑनलाइन नीलामी की जाती है।  www.parivahan.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण है। सबसे अधिक बोली लगाने वाले बोलीदाता को वीआईपी नंबर दिया जाएगा।

 

 

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